पश्चिम बंगाल की राजनीति में कैमैक स्ट्रीट स्थित TMC कार्यालय में कथित तोड़फोड़ के बाद सियासी तनाव और बढ़ गया है। इसी मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात का समय मांगा है। TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन के मुताबिक, पार्टी की ओर से गुरुवार सुबह दोनों को पत्र भेजे गए। पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से दिल्ली में और राज्यपाल से कोलकाता में मुलाकात करना चाहता है। TMC का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल राज्य में कानून-व्यवस्था और पुलिस की भूमिका से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेगा।
पिछले चार महीनों की स्थिति पर TMC ने उठाए सवाल
डेरेक ओ'ब्रायन ने दावा किया कि पिछले करीब चार महीनों में पश्चिम बंगाल की स्थिति लगातार खराब हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है और पार्टी कार्यालयों में कथित तौर पर तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही हैं। TMC नेता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई नहीं की जा रही है। पार्टी अब इन तमाम मुद्दों को राष्ट्रपति और राज्यपाल के सामने रखने की तैयारी में है। हालांकि, ये TMC की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें लेकर स्वतंत्र जांच तथा संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई से ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
कैमैक स्ट्रीट कार्यालय में कथित तौर पर क्या हुआ?
गुरुवार तड़के कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट स्थित TMC कार्यालय को लेकर विवाद सामने आया। TMC महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग पार्टी कार्यालय में घुसे और वहां तोड़फोड़ की। बनर्जी के मुताबिक, कार्यालय में मौजूद लोगों के साथ मारपीट की गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों समेत अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान पुलिस को कई बार फोन और ईमेल के जरिए सूचना दी गई, लेकिन करीब दो घंटे तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। TMC की ओर से घटना से जुड़े CCTV फुटेज भी सामने रखे गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक फुटेज में कुछ नकाबपोश लोग परिसर से इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर निकलते दिखाई देते हैं। हालांकि, फुटेज में दिखने वाले लोगों की पहचान और घटना के पीछे की पूरी वजह जांच का विषय है।
अभिषेक बनर्जी ने BJP पर लगाया आरोप
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि कैमैक स्ट्रीट कार्यालय पर हमले के पीछे BJP से जुड़े लोग थे। उन्होंने पुलिस की कथित देरी पर भी सवाल उठाए और घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी तथा पूरे मामले की जांच की मांग की। TMC ने इस घटना को राज्य में कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए राज्यपाल, केंद्र और अन्य संवैधानिक संस्थाओं का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की है।
BJP ने TMC के आरोपों को किया खारिज
मामले में BJP की ओर से TMC के आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है। BJP नेताओं ने घटना को लेकर TMC के दावों पर सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित या कथित तौर पर "स्टेज्ड" घटना बताया है। यानी फिलहाल मामले में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के दावे अलग-अलग हैं। ऐसे में घटना की वास्तविक परिस्थितियों, इसमें शामिल लोगों और किसी राजनीतिक संगठन की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।
कैमैक स्ट्रीट कार्यालय पहले भी रहा है विवाद में
कैमैक स्ट्रीट स्थित TMC कार्यालय से जुड़ा विवाद नया नहीं है। इससे कुछ दिन पहले कथित तौर पर अनधिकृत होर्डिंग हटाने को लेकर भी यहां विवाद हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। डेरेक ओ'ब्रायन से भी पुलिस ने इस मामले में पूछताछ की। अब उसी इलाके में पार्टी कार्यालय में कथित तोड़फोड़ की घटना सामने आने से राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।
TMC अब राष्ट्रपति और राज्यपाल के सामने रखेगी अपना पक्ष
डेरेक ओ'ब्रायन के अनुसार, TMC का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से दिल्ली में मुलाकात करना चाहता है, जबकि राज्यपाल आरएन रवि से कोलकाता में मिलने का अनुरोध किया गया है। पार्टी का कहना है कि वह राज्य की कानून-व्यवस्था, पुलिस की भूमिका और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा कार्यालयों से जुड़े कथित मामलों को संवैधानिक पदों पर बैठे दोनों अधिकारियों के सामने रखेगी। फिलहाल TMC को राष्ट्रपति और राज्यपाल के कार्यालयों से मुलाकात की पुष्टि का इंतजार है।
West Bengal Politics: आगे क्या?
कैमैक स्ट्रीट की घटना ने पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। एक तरफ TMC पुलिस और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठा रही है, तो दूसरी ओर BJP आरोपों को खारिज कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में पुलिस जांच, CCTV फुटेज, FIR और दोनों पक्षों के बयानों पर राजनीतिक और कानूनी तौर पर नजर रहेगी। राष्ट्रपति और राज्यपाल से TMC की प्रस्तावित मुलाकात भी इस पूरे विवाद में अगला महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकती है।