नई दिल्ली। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, जल शक्ति मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लिए विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया। रात्रिभोज में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी समेत कई राज्यों के मंत्री और नेता पहुंचे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बड़ी डिनर मेजबानी
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन की ओर से अपने आवास पर इतने बड़े स्तर पर रात्रिभोज का आयोजन खास माना जा रहा है। खास बात यह है कि जल शक्ति मंत्रालय के दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन के लिए कई राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं। इसी मौके का इस्तेमाल करते हुए नबीन ने नेताओं के साथ अनौपचारिक संवाद का मंच तैयार किया।
कई राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री पहुंचे
रात्रिभोज में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, उत्तराखंड के जल शक्ति मंत्री सतपाल महाराज, मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा समेत कई नेताओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

चुनावी रणनीति और संगठन पर हो सकता है मंथन
रात्रिभोज को केवल औपचारिक मुलाकात के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। आगामी चुनावों की तैयारियों, बीजेपी संगठन को और मजबूत करने तथा राज्यों के बीच बेहतर तालमेल को लेकर अनौपचारिक चर्चा की संभावना है। साथ ही NDA गठबंधन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति पर भी बातचीत हो सकती है।
जल योजनाओं और विकास के मुद्दों पर भी चर्चा संभव
चूंकि रात्रिभोज में कई राज्यों के जल शक्ति मंत्री भी शामिल हुए, इसलिए जल जीवन मिशन, जल संरक्षण और जल अवसंरचना से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं। जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन में भी जल अवसंरचना परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, जल संचय जनभागीदारी, पेयजल स्रोतों की स्थिरता और जल जीवन मिशन 2.0 जैसे विषयों पर फोकस किया जा रहा है।
अनौपचारिक मुलाकात से सियासी संदेश
नितिन नबीन के आवास पर हुआ यह रात्रिभोज पार्टी संगठन और बीजेपी शासित राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एक ही मंच पर मुख्यमंत्री, मंत्री और पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी से आने वाले चुनावों और सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने को लेकर भी संवाद का अवसर मिला है।