मुंबई - त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले मुंबई के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। शहर में पशुशालाओं से सीधे आने वाले ताजा भैंस के दूध की थोक कीमत में मंगलवार से 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दर लागू होने के बाद दूध का थोक भाव 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी नई दर
मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स वेलफेयर एसोसिएशन (MMPA) के मुताबिक, बढ़ी हुई कीमत 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। एसोसिएशन की द्विवार्षिक आमसभा में दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया। MMPA अध्यक्ष सीके सिंह ने बताया कि थोक कीमत में बढ़ोतरी का असर खुदरा बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। अलग-अलग इलाकों में मांग और आपूर्ति के हिसाब से भैंस का दूध 115 से 125 रुपये प्रति लीटर या उससे ज्यादा में बिकने की संभावना है।
MMPA के इतिहास की सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी
एसोसिएशन के करीब 70 साल के इतिहास में इसे दूध की कीमत में अब तक की सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी बताया जा रहा है। इससे पहले फरवरी में ही भैंस के दूध की थोक कीमत 91 रुपये से बढ़ाकर 93 रुपये प्रति लीटर की गई थी। इस बार एक साथ 9 रुपये की बढ़ोतरी से दूध की कीमतों पर दबाव काफी बढ़ गया है। इसका सीधा असर मुंबई के घरों के मासिक बजट पर पड़ने की संभावना है।
पशुपालकों की लागत बढ़ने का दिया गया हवाला
दूध उत्पादकों के अनुसार, दुधारू भैंसों की खरीद कीमत में पिछले कुछ समय में 60 से 70 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। इसके अलावा पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले दाने, तुअर चूनी और चना चूनी की कीमतों में औसतन करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। घास और सूखे चारे की लागत बढ़ने से भी पशुपालकों का खर्च बढ़ा है। उत्पादकों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच दूध की कीमत में संशोधन जरूरी हो गया था।
त्योहारों के बीच बढ़ेगी दूध की मांग
दूध की कीमत में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब मुंबई में त्योहारों और शादी के सीजन की शुरुआत होने वाली है। गणेशोत्सव, नवरात्र, दिवाली, क्रिसमस और रमजान जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान दूध की खपत बढ़ जाती है। इस दौरान घरों के अलावा मिठाई की दुकानों, होटल और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी दूध की मांग बढ़ती है। सामान्य दिनों की तुलना में इस अवधि में मुंबई में दूध की मांग 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।
रोजाना 50 लाख लीटर से ज्यादा भैंस के दूध की खपत
मुंबई में प्रतिदिन 50 लाख लीटर से अधिक भैंस के दूध की खपत होती है। इसमें MMPA से जुड़े सदस्य अपने नेटवर्क के जरिए 7 लाख लीटर से ज्यादा दूध की आपूर्ति करते हैं। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने और लागत में इजाफे के बीच दूध की नई कीमतों का असर बाजार में व्यापक रूप से दिखाई दे सकता है।
मिठाई और डेयरी उत्पाद भी हो सकते हैं महंगे
दूध महंगा होने का असर केवल सीधे दूध खरीदने वाले उपभोक्ताओं तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। दूध से तैयार होने वाले पेय, मिठाइयां, आइसक्रीम और अन्य ठंडे या जमे हुए डेजर्ट के अलावा कई डेयरी उत्पादों की कीमतों पर भी इसका असर पड़ सकता है। त्योहारी सीजन में मिठाइयों और डेयरी उत्पादों की मांग पहले ही बढ़ जाती है। ऐसे में दूध की कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी आने वाले दिनों में मुंबई के उपभोक्ताओं के लिए महंगाई का अतिरिक्त बोझ बढ़ा सकती है।