वृंदावन, 2 सितंबर 2026 | ब्रज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर हैं। वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में जन्मोत्सव के बाद होने वाली साल की एकमात्र मंगला आरती को लेकर इस बार भी भीड़ नियंत्रण के सख्त इंतजाम किए जा रहे हैं। 4 सितंबर की रात जन्मोत्सव के बाद 5 सितंबर को रात 1:45 बजे मंगला आरती होगी। इस विशेष आरती के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बेहद सीमित रखी जा रही है। ताजा व्यवस्था के मुताबिक मंगला आरती के दर्शन के लिए सिर्फ 600 श्रद्धालुओं को प्रवेश दिए जाने की तैयारी है। इसके लिए हाई पावर्ड कमेटी की ओर से पास जारी किए जाएंगे। बिना अधिकृत पास के मंगला आरती के समय मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
4-5 सितंबर की रात 1:45 बजे होगी मंगला आरती
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस वर्ष 4 सितंबर, शुक्रवार को है। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट भी 4 सितंबर को जन्माष्टमी और 5 सितंबर को नंदोत्सव बता रही है। मंदिर की परंपरा के अनुसार जन्मोत्सव के बाद रात बीतने पर विशेष मंगला आरती होती है। मंगला आरती का समय 5 सितंबर की भोर 1:45 बजे निर्धारित बताया गया है। यानी श्रद्धालुओं को तारीख को लेकर भ्रम नहीं होना चाहिए—जन्माष्टमी 4 सितंबर को है, जबकि मंगला आरती आधी रात बीतने के बाद 5 सितंबर को होगी।
क्यों सिर्फ 600 भक्तों को मिलेगी एंट्री?
बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर की सीमित क्षमता और भारी भीड़ को देखते हुए मंगला आरती में प्रवेश नियंत्रित रखने का फैसला किया गया है। हाई पावर्ड कमेटी के अध्यक्ष, सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार और अन्य सदस्यों ने मंदिर प्रबंधन के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। शुरुआती स्तर पर 600 श्रद्धालुओं के प्रवेश की व्यवस्था पर काम किया जा रहा है।
पास होगा तभी देख पाएंगे मंगला आरती
मंगला आरती के समय सामान्य भीड़ को मंदिर के अंदर प्रवेश देने के बजाय सीमित पास व्यवस्था लागू की जाएगी। ताजा रिपोर्ट के अनुसार इन पासों को हाई पावर कमेटी की व्यवस्था के तहत जारी किया जाएगा। इसलिए जो श्रद्धालु वृंदावन पहुंच रहे हैं, उन्हें यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि सामान्य दर्शन की तरह लाइन में लगकर मंगला आरती में प्रवेश मिल जाएगा।
साल में सिर्फ एक बार होती है ये आरती
बांके बिहारी मंदिर की सबसे खास परंपराओं में से एक यह है कि यहां सामान्य दिनों में सुबह की मंगला आरती नहीं होती। मंदिर की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पूरे साल में केवल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ही मंगला आरती की जाती है। यही वजह है कि इस आरती के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है।
2022 की घटना के बाद सुरक्षा पर ज्यादा फोकस
भीड़ नियंत्रण के पीछे सुरक्षा एक बड़ी वजह है। वर्ष 2022 में जन्माष्टमी पर मंगला आरती के दौरान अत्यधिक भीड़ के दबाव में हुई घटना में दो श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। इसके बाद से प्रशासन और मंदिर प्रबंधन मंगला आरती के दौरान सीमित प्रवेश व्यवस्था अपनाते रहे हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित रखने के साथ सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
घर बैठे भी देख सकेंगे मंगला आरती
जिन श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं मिल पाएगा, उनके लिए Live Streaming के जरिए दर्शन की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। हाई पावर्ड कमेटी ने भक्तों से अपील की है कि भारी भीड़ से बचने के लिए अधिक से अधिक श्रद्धालु लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से मंगला आरती के दर्शन करें।
5 सितंबर को मनेगा नंदोत्सव
जन्माष्टमी के अगले दिन यानी 5 सितंबर को बांके बिहारी मंदिर में नंदोत्सव मनाया जाएगा। मंदिर की परंपरा के अनुसार इस दौरान ठाकुर जी के जन्म की खुशी में विशेष उत्सव होता है और प्रसाद, मिठाइयों तथा अन्य वस्तुओं का वितरण किया जाता है। इस तरह 4 सितंबर की जन्माष्टमी से शुरू होने वाला उत्सव 5 सितंबर के नंदोत्सव तक ब्रज में भक्तिमय माहौल बनाए रखेगा।