लखनऊ - राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में जांच अभी जारी है, लेकिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जांच रिपोर्ट आने से पहले ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन में बयान दिया है। उन्होंने चंपत राय को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
प्रयागराज में बोले डिप्टी सीएम
प्रयागराज में बोले डिप्टी सीएम
केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को प्रयागराज में एक चैनल के कार्यक्रम के दौरान राम मंदिर दान चोरी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चोरी करने के आरोप में जिन लोगों को पकड़ा गया है, वे जेल में हैं, जबकि मामले के बाकी पहलुओं की जांच विशेष जांच दल यानी SIT कर रहा है। डिप्टी सीएम ने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए और रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
चंपत राय के बचाव में क्या बोले मौर्य?
चंपत राय का बचाव करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “मैं एडवांस में बता रहा हूं, वो बेदाग थे, बेदाग हैं, बेदाग रहेंगे।” उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ केवल मीडिया में चल रही खबरों या मीडिया ट्रायल के आधार पर धारणा नहीं बनानी चाहिए। मौर्य ने यह भी कहा कि चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और रामलला से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे हैं। उनके मुताबिक, जो कार्यकर्ता रामलला के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर चुका हो, वह मंदिर के चढ़ावे में एक पैसे की भी चोरी नहीं कर सकता।
SIT जांच पर टिकी नजर
मामले की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नई SIT गठित की गई है। ऐसे में अब जांच दल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। SIT की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं में किन लोगों की भूमिका सामने आती है। इसी बीच डिप्टी सीएम के बयान ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है, क्योंकि उन्होंने जांच रिपोर्ट आने से पहले ही चंपत राय के पक्ष में अपना विश्वास व्यक्त किया है।
मौर्य ने जांच पूरी होने का दिया संदेश
केशव प्रसाद मौर्य ने एक तरफ चंपत राय का खुलकर बचाव किया, वहीं दूसरी ओर यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच पूरी होने का इंतजार किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि मीडिया में सामने आने वाली जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी मान लेना उचित नहीं है। अब इस मामले में सबसे ज्यादा नजर SIT की जांच रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही दान और चढ़ावे से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदार लोगों को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।