कोलकाता: पश्चिम बंगाल को साफ-सुथरा और प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 1 सितंबर 2026 से राज्य के शहरी और नगरपालिका क्षेत्रों में डिजिटल स्पॉट फाइन व्यवस्था लागू हो गई है। शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आज कहा कि अब सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर मौके पर ही डिजिटल तरीके से जुर्माना लगाया जाएगा।
कचरा फेंका तो ₹200, थूका तो ₹100 का फाइन
नई व्यवस्था के तहत सार्वजनिक स्थान पर खुले में शौच या पेशाब करने, इधर-उधर कचरा फेंकने, अवैध तरीके से कचरा डालने और प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग के इस्तेमाल या उसे रखने पर ₹200 का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं सार्वजनिक जगह पर थूकने पर ₹100 का फाइन देना होगा।
मौके पर बनेगा डिजिटल चालान
अग्निमित्रा पॉल के मुताबिक, फाइन की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। अधिकृत कर्मचारी मौके पर जियो-टैग वाली तस्वीर के जरिए उल्लंघन को रिकॉर्ड करेंगे। इसके बाद डिजिटल चालान तैयार होगा और QR Code या ऑनलाइन पेमेंट के जरिए जुर्माना जमा कराया जा सकेगा। भुगतान के बाद डिजिटल रसीद भी दी जाएगी।
‘निर्मल बंधु’ और ‘निर्मल साथी’ करेंगे कार्रवाई
स्पॉट फाइन वसूलने की जिम्मेदारी प्रशिक्षित नगरपालिका कर्मियों और ‘निर्मल बंधु’ व ‘निर्मल साथी’ को दी जाएगी। मोबाइल नंबर के आधार पर बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान करने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
फाइन का मकसद कमाई नहीं, जागरूकता
अग्निमित्रा पॉल ने साफ किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार की आदत विकसित करना है। जुर्माना राशि भी न्यूनतम रखी गई है, ताकि लोगों को नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा सके।
उन्होंने लोगों से अपील की कि गाड़ी की खिड़की से सड़क पर पैकेट फेंकने, पान की पीक या थूक सार्वजनिक जगह पर डालने से पहले यह जरूर सोचें—“यह हमारा शहर है।”
गीला और सूखा कचरा अलग देना होगा
रिहायशी इलाकों में लोगों से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके सफाई कर्मचारियों को देने की अपील की जाएगी। वहीं बाजार क्षेत्रों में जरूरत के मुताबिक डस्टबिन की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का जोर कचरे को स्रोत पर ही अलग करने और बेहतर तरीके से उसका निपटारा करने पर है।
प्लास्टिक के विकल्प के लिए वेंडिंग मशीन
अग्निमित्रा पॉल ने प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल को कम करने पर भी जोर दिया। बाजारों में पर्यावरण-अनुकूल कैरी बैग उपलब्ध कराने के लिए वेंडिंग मशीनें लगाने की योजना है। कॉर्नस्टार्च जैसे जैविक पदार्थों से तैयार होने वाले विकल्पों को बढ़ावा दिया जाएगा।
पब्लिक टॉयलेट और फ्री यूरिनल बढ़ाने पर जोर
खुले में पेशाब और शौच की समस्या रोकने के लिए सरकार सार्वजनिक सुविधाओं को भी बढ़ाने की तैयारी में है। जहां जरूरत होगी, वहां पब्लिक टॉयलेट और फ्री यूरिनल की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि लोगों को खुले में जाने की जरूरत न पड़े।
जियो-टैगिंग से होगी निगरानी
सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए सफाई कर्मचारियों की गाड़ियों में जियो-टैगिंग की व्यवस्था की जा रही है। वहीं डिजिटल रिकॉर्ड और मोबाइल नंबर के जरिए फाइन की प्रक्रिया को ट्रैक किया जा सकेगा।
स्वच्छ शहर के साथ पर्यावरण पर भी जोर
अग्निमित्रा पॉल ने प्लास्टिक प्रदूषण को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि नालों की सफाई के दौरान बड़ी मात्रा में प्लास्टिक मिलना गंभीर समस्या है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ जुर्माना लगाना नहीं, बल्कि लोगों की आदतों में बदलाव लाकर शहरों को साफ और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।