इंदौर, 1 सितंबर 2026 | मध्य प्रदेश के इंदौर में जोन-4 के DCP रहे IPS सुनील कुमार मेहता को राज्य सरकार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS (Voluntary Retirement) की मंजूरी दे दी है। गृह विभाग ने 31 अगस्त को आदेश जारी किया और उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति 31 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गई है। मेहता ने पारिवारिक कारणों से सेवा छोड़ने का फैसला किया था।
1 जून को दिया था VRS का आवेदन
सुनील मेहता ने 1 जून 2026 को राज्य शासन को नोटिस देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की मांग की थी। उन्होंने आवेदन में 31 अगस्त से VRS देने का आग्रह किया था। गृह विभाग ने उनके आवेदन को अखिल भारतीय सेवा से जुड़े नियमों के तहत मंजूर कर लिया। आदेश गृह विभाग की ओर से जारी किया गया है।
परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं मेहता
सुनील मेहता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अब अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं और इसी वजह से उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने किसी अन्य कारण से इनकार किया है।
नौकरी के करीब साढ़े चार साल थे बाकी
यहां एक अहम तथ्य आपकी मूल कॉपी से अलग है। एक रिपोर्ट में उनकी नौकरी दो साल से अधिक बाकी बताई गई है, लेकिन सुनील मेहता ने खुद बातचीत में कहा है कि उनकी सेवा में अभी करीब साढ़े चार साल बाकी थे। इसलिए प्रकाशित कॉपी में “दो साल से अधिक” की जगह “करीब साढ़े चार साल” लिखना ज्यादा सटीक रहेगा। इसके बावजूद उन्होंने समय से पहले सेवा से अलग होने का निर्णय लिया।
2016 बैच के प्रमोटी IPS हैं सुनील मेहता
सुनील मेहता मूल रूप से 1996 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी रहे हैं। बाद में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत किया गया और वे 2016 बैच के प्रमोटी IPS अधिकारी बने। IPS बनने के बाद उन्होंने इंदौर ग्रामीण में SP और फिर सिवनी SP के रूप में जिम्मेदारी संभाली। मई 2026 में उन्हें इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के DCP Zone-4 पद पर नियुक्त किया गया था।
मई में ही संभाला था DCP Zone-4 का पद
सुनील मेहता ने 8 मई 2026 को इंदौर जोन-4 के DCP का पदभार संभाला था। उस समय उन्होंने अपराध नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया था। इसके करीब तीन सप्ताह बाद ही उन्होंने 1 जून को VRS के लिए आवेदन कर दिया। इस तरह DCP Zone-4 के पद पर उनका कार्यकाल काफी छोटा रहा।
एक साल तक व्यावसायिक पद नहीं ले सकेंगे
VRS मंजूरी के साथ राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण शर्त भी लगाई है। आदेश के मुताबिक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद एक साल तक सुनील मेहता किसी व्यावसायिक पद को ग्रहण नहीं कर सकेंगे। यह शर्त उनके VRS आदेश का हिस्सा है।
31 अगस्त से प्रभावी हुई सेवानिवृत्ति
गृह विभाग के आदेश के मुताबिक सुनील मेहता की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति 31 अगस्त से मंजूर की गई है। इसका मतलब है कि 1 सितंबर से वे सक्रिय पुलिस सेवा में नहीं हैं। अब विभागीय स्तर पर उनकी सेवानिवृत्ति से जुड़े बाकी प्रशासनिक और सेवा संबंधी प्रकरण पूरे किए जाएंगे।