भोपाल, 1 सितंबर 2026 | कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह को राज्य सरकार और राजभवन स्तर से बड़ी राहत मिली है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी नहीं देने संबंधी मध्य प्रदेश कैबिनेट के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। संबंधित फाइल भी सरकार को वापस लौटा दी गई है। अब राज्य सरकार और SIT की ओर से इस फैसले की जानकारी सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी जाएगी। हालांकि इसका यह अर्थ नहीं है कि मामला पूरी तरह समाप्त हो गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट और संबंधित अदालत में होने वाली कार्यवाही महत्वपूर्ण रहेगी।
देर रात राज्यपाल ने प्रस्ताव पर दी सहमति
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार देर रात राज्यपाल मंगुभाई पटेल के सामने विजय शाह से संबंधित फाइल रखी गई। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की थी। इसके बाद राज्यपाल ने फाइल का परीक्षण कर कैबिनेट की उस अनुशंसा पर सहमति दी, जिसमें अभियोजन की अनुमति नहीं देने का फैसला किया गया था। इस निर्णय के बाद फिलहाल विजय शाह के खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक अभियोजन स्वीकृति नहीं मिली है।
SIT ने पूरी कर ली है जांच
इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल यानी SIT कर रही थी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान SIT ने बताया कि उसकी जांच पूरी हो चुकी है और जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई है। SIT की ओर से अदालत को बताया गया कि जांच पूरी होने के बाद आगे चार्जशीट या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सक्षम प्राधिकारी के अभियोजन संबंधी निर्णय की जरूरत थी।
कैबिनेट ने अभियोजन की अनुमति नहीं देने की अनुशंसा की
राज्य सरकार ने विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं देने का फैसला लेकर मामला राज्यपाल के पास भेजा था। अब राज्यपाल की सहमति मिलने के बाद सरकार का यह निर्णय औपचारिक रूप से आगे बढ़ गया है। सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विजय शाह द्वारा विवादित टिप्पणी के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगे जाने का भी उल्लेख किया गया था।
अब क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के सामने जाएगा फैसला
राज्यपाल का निर्णय आने के बाद अब इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी जाएगी। शीर्ष अदालत पहले ही कह चुकी है कि अभियोजन स्वीकृति पर सक्षम प्राधिकारी को अपना फैसला लेने दिया जाना चाहिए और वह इस स्तर पर इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी। अब अदालत यह देख सकती है कि जांच और सरकार के निर्णय के बाद मामले में आगे कौन-सी प्रक्रिया अपनाई गई है।
इसलिए यह कहना कि “विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिल गई” फिलहाल गलत होगा। उन्हें अभी राज्य सरकार और राज्यपाल के स्तर पर अभियोजन मंजूरी के मामले में राहत मिली है।
मंजूरी नहीं मिली तो क्लोजर रिपोर्ट का रास्ता
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान यह सवाल भी उठा कि यदि अभियोजन की मंजूरी नहीं मिलती है तो SIT आगे क्या करेगी। SIT की ओर से अदालत को बताया गया कि ऐसी स्थिति में संबंधित अदालत के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। लेकिन क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होना और उसका अदालत द्वारा स्वीकार होना दो अलग कानूनी चरण हैं। अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
क्या है विजय शाह-सोफिया कुरैशी विवाद?
मामला मंत्री विजय शाह की भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी से जुड़ा है। टिप्पणी के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया था और कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई। बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और शीर्ष अदालत के निर्देश पर विशेष जांच दल का गठन किया गया। SIT ने बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की।
विजय शाह के लिए राजनीतिक रूप से भी बड़ी राहत
राज्यपाल की सहमति के बाद फिलहाल विजय शाह के खिलाफ अभियोजन आगे बढ़ाने का रास्ता रुक गया है। इससे उन्हें कानूनी ही नहीं, राजनीतिक स्तर पर भी राहत मिली है।
विजय शाह मध्य प्रदेश सरकार में जनजातीय कार्य मंत्री हैं और प्रदेश की आदिवासी राजनीति के प्रमुख भाजपा नेताओं में गिने जाते हैं। हालांकि सरकार के फैसले के पीछे राजनीतिक कारण होने का दावा तथ्य के रूप में नहीं किया जा सकता। विपक्ष इस निर्णय को लेकर सरकार पर सवाल उठा सकता है।
अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट पर
मामले का अगला महत्वपूर्ण चरण सुप्रीम कोर्ट में होगा। सरकार को राज्यपाल के फैसले की जानकारी अदालत को देनी होगी। इसके बाद SIT की जांच रिपोर्ट और अभियोजन स्वीकृति संबंधी निर्णय को देखते हुए आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
फिलहाल इतना तय है कि राज्यपाल ने विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी नहीं देने के कैबिनेट प्रस्ताव पर सहमति दे दी है, लेकिन पूरे मामले को कानूनी रूप से खत्म मान लेना अभी जल्दबाजी होगी।