लखनऊ - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए समाज और राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। मुख्यमंत्री ने जनता के नाम अपनी पाती में लोगों से जन्माष्टमी के पर्व को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प से जोड़ने की अपील की।
विरासत के संरक्षण का लिया जाए संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस जन्माष्टमी पर अपनी गौरवशाली विरासत और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान उसकी समृद्ध परंपराओं, आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी है। सीएम योगी ने लोगों से विकसित और गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना भी जरूरी है।
श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल की भावना का संदेश देता है। जन्माष्टमी के अवसर पर इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलते हुए समाज में सकारात्मक सोच, जिम्मेदारी और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत किया जाए।
‘श्रीकृष्ण कुलीनता नहीं, समरसता के प्रतीक’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण केवल किसी एक वर्ग या समूह के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ खड़े दिखाई देते हैं। सीएम योगी ने कहा, “श्रीकृष्ण कुलीनता के नहीं, समरसता के प्रतीक हैं।” उन्होंने उनके जीवन के अलग-अलग प्रसंगों का उदाहरण देते हुए बताया कि श्रीकृष्ण द्वारका के राजा होने के साथ-साथ सुदामा के आत्मीय मित्र भी थे।
सुदामा की मित्रता से दिया समानता का संदेश
मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को सामाजिक समानता और आत्मीय संबंधों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने सांदीपनि ऋषि के आश्रम में शिक्षा प्राप्त की और वहीं से उनके जीवन में ज्ञान तथा संस्कारों का महत्व स्पष्ट होता है। सुदामा के साथ उनकी मित्रता यह संदेश देती है कि सच्चे रिश्ते पद, प्रतिष्ठा या आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं बनते। रिश्तों की असली ताकत प्रेम, विश्वास और आत्मीयता में होती है।
आज के समाज के लिए भी प्रासंगिक संदेश
सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को समानता, समरसता और आपसी आत्मीयता की जरूरत है। जन्माष्टमी जैसे पर्व लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने और सामाजिक सौहार्द मजबूत करने का अवसर देते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर लोग समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देंगे। उन्होंने विरासत के संरक्षण, सामाजिक समरसता और विकसित एवं गौरवशाली उत्तर प्रदेश के निर्माण को इस पर्व का संकल्प बनाने की अपील की।