बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले को देश के सबसे लंबे नेशनल हाईवे नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग ने बालाघाट-सिवनी फोरलेन सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब ₹3,458 करोड़ की लागत से बनने वाली इस फोरलेन सड़क से यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
91 किमी का सफर होगा आसान
फिलहाल बालाघाट से सिवनी के करीब 91 किलोमीटर के सफर में लगभग तीन घंटे तक का समय लग जाता है। सड़क के फोरलेन बनने के बाद यात्रा का समय घटकर करीब दो घंटे या उससे कम होने की उम्मीद है। इससे ट्रैफिक की समस्या के साथ सड़क हादसों का खतरा भी कम हो सकता है।
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से कनेक्टिविटी होगी मजबूत
बालाघाट-सिवनी फोरलेन के निर्माण से दोनों जिलों के बीच आवागमन आसान होगा। साथ ही महाराष्ट्र के नागपुर और गोंदिया तथा छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले मार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। सिवनी के रास्ते गुजरने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ने के बाद बालाघाट को बड़े शहरों और व्यापारिक केंद्रों तक बेहतर सड़क संपर्क मिल सकेगा।
10 लाख लोगों को मिलेगा फायदा
परियोजना से बालाघाट और सिवनी जिले के करीब 10 लाख लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलने का दावा किया जा रहा है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों के परिवहन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। बालाघाट के मैंगनीज खदान और तांबा परियोजना जैसे खनन क्षेत्रों से परिवहन आसान होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और राजस्व को भी फायदा मिल सकता है।
अभी निर्माण से पहले कई प्रक्रियाएं बाकी
परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद भी सड़क निर्माण शुरू होने से पहले कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इनमें भूमि अधिग्रहण समेत अन्य प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं शामिल हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों की नजर अब निर्माण कार्य शुरू होने और परियोजना पूरी होने की समयसीमा पर है।
फोरलेन को लेकर शुरू हुआ सियासी क्रेडिट वॉर
परियोजना की मंजूरी के साथ ही इसका राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ भी शुरू हो गई है। बालाघाट सांसद भारती पारधी और बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने सड़क परियोजना को लेकर अपने-अपने प्रयासों का दावा किया है। सांसद भारती पारधी का कहना है कि उन्होंने इस मांग को दिल्ली और भोपाल स्तर पर लगातार उठाया और उनके प्रयासों के चलते परियोजना को मंजूरी मिली। वहीं विधायक अनुभा मुंजारे का दावा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री, लोक निर्माण मंत्री और एमपीआरडीसी के अधिकारियों के सामने सड़क निर्माण का मुद्दा मजबूती से रखा, जिसके बाद कैबिनेट से मंजूरी मिली। फिलहाल, मंजूरी के बाद बालाघाट-सिवनी फोरलेन परियोजना को क्षेत्र के लिए बड़ी विकास परियोजना के तौर पर देखा जा रहा है।