काठमांडू। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। अब तक 788 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ के पांच दिन बाद भी कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। सबसे बड़ी उम्मीद त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की उस टनल से जुड़ी है, जहां करीब 100 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
टनल में जिंदा लोगों की उम्मीद कायम
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, कीचड़ और मलबे से भरी त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में अभी भी लोगों के जिंदा होने की संभावना है। इसी उम्मीद के साथ रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। टनल के ऊपरी हिस्से में अब तक चार सुराख किए गए हैं। इनके जरिए अंदर पाइप पहुंचाकर ऑक्सीजन भेजी गई है। साथ ही हाईटेक कैमरों की मदद से टनल के भीतर की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अब रेस्क्यू टीमों की कोशिश मलबे को हटाकर टनल के अंदर पहुंचने की है।
बारिश ने बढ़ाई रेस्क्यू ऑपरेशन की मुश्किल
बचाव अभियान के बीच मौसम सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। रातभर हुई बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे ड्रिलिंग वाले इलाके में पानी भर गया। ऐसे में रेस्क्यू टीमों को बेहद सावधानी के साथ अभियान आगे बढ़ाना पड़ रहा है। 100 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद टनल में फंसे लोगों के लिए उम्मीद कायम है। रेस्क्यू टीमों की कोशिश है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखते हुए जल्द से जल्द उन्हें बाहर निकाला जाए।
मलबे से मिल रहे शव, पहचान करना मुश्किल
नेपाल में बाढ़ की तबाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई जगह मलबे से शव बरामद किए जा रहे हैं। शवों की स्थिति खराब होने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। कई मामलों में DNA सैंपल लेने के बाद शवों को दफनाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। बाढ़ ने कई इलाकों में घरों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। जगह-जगह मलबा जमा है और कई परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश में जुटे हैं।
तबाही के बीच सामने आईं उम्मीद जगाने वाली घटनाएं
इस भीषण त्रासदी के बीच कुछ ऐसी घटनाएं भी सामने आई हैं, जिन्होंने लोगों की उम्मीद बढ़ाई है। चार साल की एक बच्ची को दो दिन बाद सुरक्षित बचाए जाने की घटना ने रेस्क्यू टीमों और प्रभावित परिवारों में नई उम्मीद जगाई है। कुछ जगहों पर बाढ़ के तेज बहाव के बावजूद परिवारों के सुरक्षित बचने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इन्हीं घटनाओं ने त्रिशूली टनल में फंसे लोगों के सुरक्षित निकलने की उम्मीद को भी मजबूत किया है।
100 जिंदगियों को बचाने की कोशिश जारी
नेपाल में रेस्क्यू टीमें दिन-रात अभियान में जुटी हैं। टनल में फंसे करीब 100 लोगों को बचाना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। तेज बारिश, बढ़ता नदी का जलस्तर और भारी मलबा अभियान में लगातार मुश्किलें पैदा कर रहे हैं, लेकिन रेस्क्यू टीमों ने उम्मीद नहीं छोड़ी है।