भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। 31 अगस्त को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। भोपाल आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 31 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पन्ना में भारी बारिश के आसार हैं।
इन जिलों में बिगड़ सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। सिंगरौली से लेकर मंडला और बालाघाट तक बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। इसके अलावा कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में खुले मैदान, खेत और सड़क पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भोपाल, इंदौर समेत इन शहरों में भी बारिश के आसार
पूर्वी मध्य प्रदेश के अलावा प्रदेश के कई बड़े शहरों में भी गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर और ग्वालियर समेत कई शहरों में मौसम अचानक बदल सकता है। दिन में कुछ समय के लिए धूप निकलने के बावजूद बादल और उमस का असर बना रह सकता है। वहीं अचानक तेज बारिश होने से सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
पचमढ़ी रहा सबसे ठंडा, खजुराहो सबसे गर्म
पिछले 24 घंटे के तापमान की बात करें तो पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं खजुराहो में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो प्रदेश में सबसे अधिक था। प्रदेश के बाकी हिस्सों में तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा नीचे रहा। बारिश के बावजूद तापमान में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर
मध्य प्रदेश में बारिश का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र बताया जा रहा है। इसके प्रभाव से चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इन मौसमी सिस्टम के कारण पूर्वी और मध्य भारत में पर्याप्त नमी पहुंच रही है, जिसके चलते मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर बना हुआ है।
मौसम विभाग ने 31 अगस्त को छत्तीसगढ़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में रहने वाले लोगों को तेज बारिश के दौरान नदी-नालों और निचले इलाकों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
आज कैसा रहेगा मौसम?
31 अगस्त को मध्य प्रदेश में कहीं हल्की बारिश तो कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वी हिस्से के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
खास सावधानी: बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहें।