काठमांडू। नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद तेज कर दी है। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने रविवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र में तैनात भारतीय फोरेंसिक टीम के सदस्यों से मुलाकात की। यह टीम बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान करने में नेपाली अधिकारियों की मदद करेगी। भारतीय फोरेंसिक विशेषज्ञ DNA सैंपल का विश्लेषण करने में अपने नेपाली सहयोगियों के साथ काम करेंगे। टीम का उद्देश्य बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान सुनिश्चित करने में मदद करना है, ताकि उनके शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके।
चौथी राहत उड़ान से नेपाल पहुंची फोरेंसिक टीम
भारतीय फोरेंसिक टीम नेपाल के लिए भेजी गई चौथी भारतीय राहत उड़ान के जरिए काठमांडू पहुंची। इस उड़ान में जरूरी राहत सामग्री के साथ आपदा राहत कार्यों में मदद के लिए तकनीकी कर्मचारी और विशेष उपकरण भी भेजे गए हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, चौथी उड़ान में करीब 11 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई गई है। राहत सामग्री को संबंधित नेपाली अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
राहत सामग्री में जरूरी सामान शामिल
भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके साथ ही खोज और बचाव अभियान के लिए जरूरी उपकरणों से लैस एक टनल टेक्निकल टीम भी नेपाल पहुंची है। वहीं DNA विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी राहत अभियान का हिस्सा है। यह टीम नेपाली विशेषज्ञों के साथ मिलकर बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान करने में सहयोग करेगी।
भारत ने नेपाल को मदद जारी रखने का दिया भरोसा
भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने फोरेंसिक टीम से मुलाकात के बाद दोहराया कि भारत नेपाल में चल रहे राहत और बचाव प्रयासों में मजबूती से सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय विशेषज्ञ नेपाल के सहयोगियों के साथ मिलकर आपदा प्रभावित लोगों की मदद करेंगे। भारत की ओर से राहत सामग्री के साथ तकनीकी और फोरेंसिक विशेषज्ञ भेजे जाने से नेपाल के राहत एवं बचाव अभियान को महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।