भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए नगर निगम बड़ा कदम उठाने जा रहा है। कोलार क्षेत्र के कालापानी में करीब एक एकड़ जमीन पर डॉग शेल्टर होम बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन तय कर ली गई है और नगर निगम की ओर से टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। इस शेल्टर होम में शुरुआती चरण में करीब 1500 से 2000 आवारा कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। परियोजना पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है और निर्माण कार्य को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फैसला
नगर निगम के मुताबिक, यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उठाया जा रहा है। कोर्ट ने अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिए हैं। भोपाल में ऐसे करीब 840 संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां से स्ट्रीट डॉग्स को हटाया जाना है।
भोपाल में करीब 1.20 लाख स्ट्रीट डॉग्स
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में करीब 1.20 लाख स्ट्रीट डॉग्स हैं। ऐसे में 1500 से 2000 कुत्तों की क्षमता वाला शेल्टर होम पूरी समस्या के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। नगर निगम का कहना है कि यह शुरुआती व्यवस्था है। जरूरत बढ़ने पर भविष्य में शेल्टर होम की क्षमता को भी बढ़ाया जा सकेगा।
इन कुत्तों को शेल्टर में रखा जाएगा
शुरुआत में संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों से हटाए गए कुत्तों को शेल्टर होम में रखा जाएगा। इसके अलावा आक्रामक कुत्तों के लिए भी यहां व्यवस्था होगी। बीमार, घायल और दुर्घटना में चोटिल कुत्तों का इलाज भी शेल्टर होम में किया जाएगा। रेबीज संक्रमित या संदिग्ध कुत्तों को सामान्य कुत्तों से अलग रखने के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा।
हर कुत्ते के लिए अलग केनल
शेल्टर होम में प्रत्येक कुत्ते के लिए करीब 4 फीट लंबा और 3 फीट चौड़ा अलग केनल बनाया जाएगा। यहां आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, ट्रीटमेंट रूम और आइसोलेशन वार्ड जैसी सुविधाएं होंगी। कुत्तों के इलाज के लिए डॉक्टरों की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके अलावा एक डॉक्टर को रिजर्व में रखा जाएगा। कुत्तों के भोजन की व्यवस्था के लिए अलग किचन भी बनाया जाएगा।
डॉग लवर्स और NGOs से ली जाएगी मदद
नगर निगम शेल्टर होम के संचालन के लिए एक अलग फंड बनाएगा। इसके लिए डॉग लवर्स और गैर सरकारी संगठनों (NGO) से आर्थिक मदद लेने की योजना है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन के मुताबिक, जरूरत के अनुसार भविष्य में शेल्टर होम की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इससे संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों से स्ट्रीट डॉग्स को हटाने और बीमार व घायल कुत्तों के इलाज की व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।