Bhopal Residential Shop Sealing: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों के भीतर संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को नगर निगम की अलग-अलग टीमों ने शहर के कई क्षेत्रों में पहुंचकर ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच और कार्रवाई शुरू की, जहां आवासीय उपयोग वाली जगहों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है। नगर निगम की टीमों ने कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा किए हैं। कुछ मामलों में संबंधित संचालकों को निर्धारित समय में आवश्यक दस्तावेज या जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कोलार क्षेत्र की संकरी गलियों में रहवासी इलाके के भीतर संचालित एक होटल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया गया।
रहवासी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम की नजर
भोपाल में कई ऐसे इलाके हैं जहां आवासीय उपयोग के लिए बने भवनों में दुकान, होटल, जिम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नगर निगम अब ऐसे मामलों की जांच कर रहा है। कार्रवाई का मुख्य फोकस उन स्थानों पर है जहां रहवासी क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने का आरोप है। सोमवार को नगर निगम की टीमों ने अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा किए।
कोलार की तंग गलियों में होटल सील
कार्रवाई के दौरान कोलार क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने रहवासी इलाके के अंदर संचालित एक होटल को सील कर दिया। यह इलाका संकरी गलियों वाला बताया जा रहा है। ऐसे क्षेत्रों में बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन से ट्रैफिक, पार्किंग और स्थानीय रहवासियों से जुड़ी परेशानियां पैदा होने की शिकायतें सामने आती हैं। इसी वजह से नगर निगम की कार्रवाई को रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
होटल, जिम और अन्य संस्थान भी कार्रवाई के दायरे में
नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं है। रहवासी क्षेत्रों में संचालित होटल, जिम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। जिन स्थानों पर नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित पाए जाने की बात सामने आ रही है, वहां नोटिस देने से लेकर सीलिंग जैसी कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में यह अभियान शहर के अन्य इलाकों तक भी बढ़ सकता है।
छह से अधिक क्षेत्रों में कार्रवाई की तैयारी
सोमवार को शहर के कई थाना क्षेत्रों में कार्रवाई प्रस्तावित की गई। किसी भी तरह के विरोध या हंगामे की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम की कार्रवाई कराए जाने की तैयारी की गई। जिन क्षेत्रों में कार्रवाई प्रस्तावित बताई गई है, उनमें मिसरोद, हबीबगंज, रातीबड़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार शामिल हैं। इससे संकेत है कि नगर निगम इस अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित कर रहा है।
कई दुकानों पर चस्पा किया गया 24 घंटे का नोटिस
कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीमों ने कई दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा किए। बताया गया है कि कुछ प्रतिष्ठानों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। संबंधित संचालकों को तय समय में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने या नगर निगम के समक्ष अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस नोटिस के बाद व्यापारियों में कार्रवाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी
रहवासी क्षेत्रों में चल रहे कारोबार के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई से व्यापारियों के बीच असंतोष की स्थिति भी बन रही है। व्यापारियों की चिंता यह है कि यदि लंबे समय से संचालित दुकानों और संस्थानों पर अचानक कार्रवाई होती है तो उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ सकता है। वहीं नगर निगम की ओर से कार्रवाई का आधार आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन बताया जा रहा है।
कांग्रेस ने सीलिंग कार्रवाई का किया विरोध
भोपाल में चल रही इस कार्रवाई का कांग्रेस ने विरोध किया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लंबे समय से मास्टर प्लान लागू नहीं हो पाने के कारण इस तरह की परिस्थितियां पैदा हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां नियमों के अनुरूप नहीं हैं और वहां कार्रवाई की जरूरत पड़ती है, तो प्रभावित लोगों के पुनर्वास या विस्थापन की व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए।
पीसी शर्मा का दावा- करीब एक लाख व्यापारियों पर असर
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि मौजूदा कार्रवाई का असर बड़ी संख्या में व्यापारियों के कारोबार पर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि करीब एक लाख व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। हालांकि यह आंकड़ा कांग्रेस नेता की ओर से किया गया दावा है। कार्रवाई का वास्तविक दायरा और इससे प्रभावित होने वाले व्यापारियों की संख्या संबंधित सरकारी विभागों के आधिकारिक आंकड़ों से ही स्पष्ट होगी।
‘विस्थापन की व्यवस्था नहीं’ होने का लगाया आरोप
पीसी शर्मा ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में नियमों के कारण व्यावसायिक गतिविधियां बंद करनी पड़ती हैं तो प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए। उनका आरोप है कि मौजूदा कार्रवाई में व्यापारियों के विस्थापन को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि कार्रवाई के साथ प्रभावित व्यापारियों की समस्याओं का समाधान भी किया जाए।
सरकार के अंदर खींचतान का भी लगाया आरोप
पूर्व मंत्री ने प्रदेश सरकार पर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर आपसी खींचतान का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि कथित आंतरिक विवादों या प्रशासनिक फैसलों का असर आम व्यापारियों पर नहीं पड़ना चाहिए। हालांकि यह कांग्रेस की ओर से लगाया गया राजनीतिक आरोप है। सरकार या नगर निगम की ओर से इस आरोप पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई
भोपाल में रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम का अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है। ऐसे में होटल, जिम, दुकान और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित करने वाले लोगों के लिए अपने भवन के उपयोग, अनुमति और संबंधित दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट रखना महत्वपूर्ण होगा। नगर निगम की कार्रवाई का असर उन इलाकों में अधिक दिखाई दे सकता है जहां आवासीय क्षेत्रों के भीतर बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें हैं।