मुंबई: भारतीय नौसेना की अंडरवॉटर ऑपरेशनल क्षमता को बड़ी मजबूती मिली है। नौसेना ने सोमवार, 31 अगस्त को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में अपने दूसरे स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV) INS निपुण को औपचारिक रूप से कमीशन कर लिया। इस समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने की।
डीप-सी डाइविंग से लेकर अंडरवॉटर ऑपरेशन तक होगा इस्तेमाल
INS निपुण को विशेष रूप से समुद्र की गहराई में डाइविंग और विभिन्न अंडरवॉटर मिशनों के लिए तैयार किया गया है। यह जहाज मुश्किल समुद्री परिस्थितियों में गोताखोरों को सहायता देने के साथ-साथ पानी के भीतर तकनीकी और बचाव अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्र के भीतर लंबे और जटिल ऑपरेशन करने की क्षमता मजबूत होगी।
पनडुब्बी रेस्क्यू में निभाएगा अहम भूमिका
INS निपुण की सबसे महत्वपूर्ण क्षमताओं में पनडुब्बी बचाव अभियान शामिल है। यह Deep Submergence Rescue Vessel (DSRV) के लिए मदर शिप के तौर पर काम कर सकता है। किसी पनडुब्बी के समुद्र की गहराई में संकट में फंसने की स्थिति में DSRV के संचालन और बचाव अभियान को INS निपुण से सहायता मिल सकती है।
300 मीटर तक की गहराई में डाइविंग ऑपरेशन
निस्तार क्लास के Diving Support Vessels को करीब 300 मीटर तक की गहराई में डाइविंग और सैल्वेज ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया है। ऐसे अभियानों के लिए इनमें आधुनिक डाइविंग सिस्टम, डाइविंग कंप्रेशन चैंबर और अन्य विशेष उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
ROV और आधुनिक सिस्टम से लैस है पोत
INS निपुण जैसे DSV में समुद्र के भीतर निगरानी और ऑपरेशन के लिए Remotely Operated Vehicles (ROVs) का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा पोत को आधुनिक नेविगेशन और स्टेशन-कीपिंग सिस्टम से लैस किया गया है, ताकि अंडरवॉटर ऑपरेशन के दौरान जहाज को आवश्यक स्थिति में स्थिर रखा जा सके।
हिंदुस्तान शिपयार्ड ने किया निर्माण
INS निपुण को विशाखापत्तनम स्थित Hindustan Shipyard Limited (HSL) ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और तैयार किया है। पोत को व्यापक परीक्षण और उपकरणों की फिटिंग पूरी होने के बाद 30 जुलाई 2026 को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। इसके बाद 31 अगस्त को इसे औपचारिक रूप से नौसेना में कमीशन किया गया।
दो तटों पर मजबूत हुई नौसेना की अंडरवॉटर क्षमता
INS निपुण के शामिल होने के साथ भारतीय नौसेना के पास निस्तार क्लास के दो Diving Support Vessels हो गए हैं। इसकी बहन पोत INS निस्तार पहले से पूर्वी नौसेना कमान के साथ काम कर रहा है। दोनों पोतों की तैनाती से नौसेना को पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटों पर डीप-सी डाइविंग, अंडरवॉटर इंटरवेंशन और पनडुब्बी रेस्क्यू अभियानों के लिए बेहतर क्षमता मिलेगी।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और कदम
INS निपुण का निर्माण भारत में होने से यह देश की स्वदेशी युद्धपोत निर्माण क्षमता को भी दर्शाता है। नौसेना के मुताबिक, इस पोत का शामिल होना भारत की आत्मनिर्भरता और घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।