7th Pay Commission News: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़ी महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) बढ़ाने से संबंधित आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक 1 जुलाई 2021 से महंगाई राहत की दर 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी करने का प्रावधान किया गया। यानी मौजूदा दर में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई। इस फैसले से केंद्रीय पेंशनर्स, फैमिली पेंशनर्स और संबंधित श्रेणियों के पेंशनभोगियों को राहत मिलने की बात कही गई है। इसके साथ ही कोविड-19 महामारी के दौरान रोकी गई महंगाई राहत की तीन अतिरिक्त किस्तों का मुद्दा भी इस आदेश में शामिल है। हालांकि इन पुरानी किस्तों के लिए 17 फीसदी की दर का प्रावधान बताया गया है।
17% से बढ़कर 28% हुई महंगाई राहत
केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत में 11 फीसदी की वृद्धि की गई है। इससे पहले DR की दर 17 फीसदी थी। 1 जुलाई 2021 से इसे बढ़ाकर 28 फीसदी किया गया। महंगाई राहत का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करना है। पेंशन की राशि पर DR की दर बढ़ने से पात्र पेंशनर्स को मिलने वाली कुल राशि में भी वृद्धि होती है।
किन पेंशनर्स को मिलेगा फायदा?
इस व्यवस्था के दायरे में केंद्र सरकार से जुड़े पात्र पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स आते हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सशस्त्र बलों, अखिल भारतीय सेवाओं और रेलवे से जुड़े पेंशनर्स समेत संबंधित केंद्रीय पेंशनभोगियों को इसका लाभ मिलने का प्रावधान है। हालांकि किसी व्यक्ति को वास्तविक रूप से कितना भुगतान मिलेगा, यह उसकी मूल पेंशन और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
कोविड काल में रोक दी गई थीं तीन किस्तें
महंगाई राहत से जुड़ा यह मामला कोविड-19 महामारी के दौर से भी जुड़ा हुआ है। महामारी के कारण पैदा हुई असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की तीन अतिरिक्त किस्तों को फ्रीज कर दिया था।
ये किस्तें क्रमशः:
1 जनवरी 2020
1 जुलाई 2020
1 जनवरी 2021 से देय थीं। इन तीनों अवधि की अतिरिक्त किस्तों को उस समय जारी नहीं किया गया था।
पुरानी तीन किस्तों के लिए 17% DR का प्रावधान
नए आदेश में कोविड काल के दौरान रोकी गई इन तीन अतिरिक्त किस्तों का भी उल्लेख किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन अवधि के लिए 17 फीसदी की दर से महंगाई राहत दिए जाने का प्रावधान है। वहीं 1 जुलाई 2021 से DR को बढ़ाकर 28 फीसदी करने की व्यवस्था लागू की गई। यानी अलग-अलग अवधि के लिए DR की दर अलग रखी गई है।
1 जुलाई 2021 से लागू हुई 28% DR की व्यवस्था
14 जुलाई 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के DA और पेंशनर्स की DR को लेकर फैसला लिया गया था। इस निर्णय के तहत 1 जुलाई 2021 से DA और DR को 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी करने को मंजूरी दी गई थी। इसमें मौजूदा 17 फीसदी दर पर 11 फीसदी की वृद्धि शामिल थी। अब पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए इससे संबंधित आदेश जारी किए जाने के बाद इस फैसले के क्रियान्वयन का रास्ता स्पष्ट हुआ है।
DA और DR में क्या अंतर है?
महंगाई भत्ता यानी DA (Dearness Allowance) आमतौर पर पात्र सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू होता है, जबकि पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए इसी तरह की महंगाई राहत को DR (Dearness Relief) कहा जाता है। दोनों का उद्देश्य महंगाई के असर से आय को कुछ हद तक सुरक्षित रखना है। हालांकि इनके नियम और भुगतान की प्रक्रिया संबंधित सरकारी प्रावधानों के अनुसार होती है।
पेंशनर्स के लिए क्यों अहम है यह आदेश?
पेंशनर्स की आय का बड़ा हिस्सा नियमित पेंशन पर निर्भर होता है। ऐसे में महंगाई राहत की दर में बढ़ोतरी उनके लिए महत्वपूर्ण होती है। 17 फीसदी से 28 फीसदी की वृद्धि का मतलब पात्र पेंशनर्स के लिए मूल पेंशन के आधार पर DR की राशि बढ़ना है। इसी वजह से इस आदेश को केंद्रीय पेंशनर्स के लिए राहत से जोड़कर देखा जा रहा है। साथ ही कोविड काल में रोकी गई तीन किस्तों का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है।
क्या कोविड काल की तीनों किस्तें 28% की दर से मिलेंगी?
नहीं। उपलब्ध आदेश की जानकारी के अनुसार कोविड काल में रोकी गई 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 की तीन अतिरिक्त किस्तों के लिए 17 फीसदी की दर का प्रावधान बताया गया है। वहीं 1 जुलाई 2021 से DR की दर 28 फीसदी की गई। इसलिए अलग-अलग अवधि की गणना संबंधित लागू दर के आधार पर की जाएगी।
कितना बढ़ेगा पेंशन में पैसा?
किसी पेंशनर्स को वास्तविक रूप से कितनी अतिरिक्त राशि मिलेगी, यह उसकी मूल पेंशन पर निर्भर करेगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी पात्र पेंशनर्स की मूल पेंशन ₹20,000 है, तो 17 फीसदी और 28 फीसदी DR के बीच का अंतर उसकी अतिरिक्त महंगाई राहत को निर्धारित करेगा। हालांकि वास्तविक भुगतान में लागू सरकारी नियम, पात्रता और संबंधित आदेशों के अनुसार गणना की जाएगी।
सरकार के फैसले का व्यापक असर
महंगाई भत्ते और महंगाई राहत से जुड़े फैसले का असर बड़ी संख्या में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ता है। DR में बढ़ोतरी से पेंशनर्स को महंगाई के दबाव से कुछ राहत मिलती है। खास तौर पर ऐसे समय में जब रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में बदलाव होता रहता है, पेंशन के साथ मिलने वाली महंगाई राहत की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।