ओरछा। मध्य प्रदेश को देश-दुनिया में पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ओरछा पहुंचे। यहां उन्होंने रामराजा सरकार की नगरी ओरछा को मध्य प्रदेश की अनमोल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर बताया। मुख्यमंत्री ने ओरछा की प्राचीन स्थापत्य कला की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के ऐतिहासिक महल और भवन भारतीय वास्तुकला की अद्भुत मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि जब आधुनिक एयर कंडीशनर की सुविधा नहीं थी, तब भी यहां ऐसे भवन बनाए गए जो मौसम के अनुकूल रहते थे।
ओरछा को पर्यटन का अद्भुत केंद्र बनाने पर जोर
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के माध्यम से ओरछा को पर्यटन का अद्भुत केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने ओरछा के राजा राम मंदिर को राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपदा बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र बुंदेलखंड की गौरवशाली विरासत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बुंदेला शासकों ने यहां स्थापत्य कला का शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो आज भी लोगों को हमारी प्राचीन संस्कृति और विरासत से जोड़ता है।
बिना AC के भी वातानुकूलित रहते थे भवन
मुख्यमंत्री ने ओरछा की ऐतिहासिक वास्तुकला की विशेषता बताते हुए कहा कि पुराने समय में एयर कंडीशनर नहीं होते थे, लेकिन यहां के भवन इस तरह बनाए गए थे कि गर्मियों में ठंडक और सर्दियों में गर्माहट का एहसास होता था। उन्होंने इसे भारतीय वास्तुकला और प्राचीन तकनीक की अद्भुत उपलब्धि बताया।
पुराने स्वरूप में होगा धरोहरों का पुनर्निर्माण
सीएम यादव ने कहा कि ओरछा के पुराने स्ट्रक्चर, भवनों और ऐतिहासिक इमारतों को फिर से जीवंत करने के लिए सरकार काम कर रही है। इन धरोहरों के पुनर्निर्माण में उसी तरह की सामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल इनके मूल निर्माण में हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि ऐतिहासिक इमारतों का मूल स्वरूप और उनकी विरासत बरकरार रहे। इसके लिए कुशल कारीगरों की मदद ली जा रही है। सरकार के इन प्रयासों से ओरछा की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को मजबूत करने के साथ ही मध्य प्रदेश में धार्मिक एवं विरासत पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।