नई दिल्ली: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड रेस्टोरेंट्स द्वारा ‘Analog Dishes’ यानी सिंथेटिक या नकली डेयरी उत्पादों से तैयार व्यंजनों की बिक्री को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कंपनी ने ऐसी डिशेज की बिक्री पर Zero Tolerance Policy लागू करने का ऐलान किया है।
Analog Dairy इस्तेमाल करने वाले रेस्टोरेंट्स पर कार्रवाई
Zomato ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि जिन रेस्टोरेंट पार्टनर्स ने अपनी डिशेज में ‘Analog Dairy’ के इस्तेमाल की बात स्वीकार की है, उन्हें तुरंत प्रभाव से प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। कंपनी के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य ग्राहकों को खाने की सामग्री को लेकर अधिक पारदर्शिता उपलब्ध कराना और बेहतर फूड क्वालिटी सुनिश्चित करना है।
रेस्टोरेंट्स को मेन्यू में बदलाव के निर्देश
नई पॉलिसी के तहत रेस्टोरेंट पार्टनर्स को प्राकृतिक डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है। अगर तत्काल बदलाव संभव नहीं है, तो उन्हें Analog Dairy से तैयार उत्पादों को अपने मेन्यू से हटाना होगा। इसके अलावा रेस्टोरेंट्स को अपने सप्लायर्स द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रोडक्ट लेबल और सामग्री की जानकारी की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि इस्तेमाल की जा रही सामग्री वही हो, जिसकी जानकारी Zomato पर ग्राहकों को दी जा रही है।
नियम नहीं मानने पर प्लेटफॉर्म से हटाया जाएगा
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जो रेस्टोरेंट पार्टनर्स इस पॉलिसी का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें Zomato के प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा। Zomato के मुताबिक, यह कदम ग्राहकों के लिए बेहतर और अधिक पारदर्शी फूड ऑप्शन उपलब्ध कराने की उसकी व्यापक नीति का हिस्सा है।
ग्राहकों की सेहत और पारदर्शिता पर जोर
Zomato के CEO आदित्य मंगला ने कहा कि कंपनी का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बेहतर खाना पहुंचाना है। इसके लिए ग्राहकों की सेहत की सुरक्षा और रेस्टोरेंट पार्टनर्स द्वारा लिस्ट और सर्व किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के लिए स्पष्ट मानक बनाए रखना जरूरी है। कंपनी का कहना है कि नई पॉलिसी ऐसे रेस्टोरेंट पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो फूड क्वालिटी और पारदर्शिता के समान मानकों का पालन करते हैं।