उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर सोमवार दोपहर पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। मोहम्मदपुर गांव में हुए इस हादसे में दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 22 लोग झुलस गए हैं। धमाका इतना तेज था कि आसपास के कई मकानों को नुकसान पहुंचा और तीन मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोग घायलों को सुरक्षित निकालने में जुट गए। कई झुलसे लोगों को ग्रामीण चारपाई के सहारे अस्पताल तक ले जाते नजर आए। हादसे की भयावहता को देखते हुए मलबे के नीचे अन्य लोगों के दबे होने की आशंका भी जताई जा रही है।
दोपहर साढ़े 12 बजे हुआ जोरदार धमाका
यह हादसा सोमवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कौशांबी जिले के मोहम्मदपुर गांव में हुआ। यह इलाका प्रयागराज सीमा से सटा हुआ है और मनौरी स्थित एयरफोर्स स्टेशन यहां से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर है। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। फैक्ट्री में रखे पटाखों की वजह से कुछ समय तक लगातार धमाकों की आवाज आती रही, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
पूरी फैक्ट्री ढही, आसपास के 8 मकान प्रभावित
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पटाखा फैक्ट्री पूरी तरह ढह गई। इसके अलावा करीब 100 मीटर के दायरे में बने आठ मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से तीन मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। एक मकान की तीसरी मंजिल में विस्फोट के कारण करीब आठ फीट का बड़ा छेद हो गया। पुलिस और राहत टीमों को आशंका है कि मलबे में कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 20 मजदूर थे
जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। आसपास स्थित घरों में रहने वाले कुछ लोग भी विस्फोट की चपेट में आए। फैक्ट्री करीब 800 वर्गफीट क्षेत्र में बनी एक मंजिला इमारत में संचालित हो रही थी। पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री के आसपास नई बस्ती भी विकसित हो रही थी, जिससे हादसे में आसपास के मकानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। फैक्ट्री संचालक का नाम आदिल बताया गया है।
200 जवानों ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। एयरफोर्स के जवानों के साथ NDRF और SDRF की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। करीब 200 जवानों की मौजूदगी में मलबा हटाने का काम चल रहा है। इसके लिए करीब 10 बुलडोजर लगाए गए हैं। बचाव दल का मुख्य फोकस मलबे में दबे संभावित लोगों को तलाशने और घायलों को जल्द से जल्द उपचार उपलब्ध कराने पर है।
ग्रामीणों ने घायलों को चारपाई पर पहुंचाया
विस्फोट के बाद घटनास्थल का मंजर बेहद भयावह था। धमाके और उसके बाद हुए लगातार छोटे-बड़े विस्फोटों के बीच स्थानीय लोग अपनी जान की परवाह किए बिना घायलों की मदद के लिए आगे आए। झुलसे लोगों को ग्रामीण चारपाई पर रखकर सुरक्षित स्थानों और अस्पताल की ओर ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने राहत एवं बचाव अभियान को तेज किया।
मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हुई
कौशांबी के जिलाधिकारी अमित पाल शर्मा ने हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में दो बच्चों के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं, हादसे में घायल लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है। इनमें से पांच घायलों का प्रयागराज स्थित SRN अस्पताल में उपचार चल रहा है। डॉक्टरों की टीम घायलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
फैक्ट्री संचालक समेत 6 लोगों पर FIR
हादसे के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। पटाखा फैक्ट्री के संचालक समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। नामजद लोगों में फैक्ट्री संचालक के पिता नौशाद, चाचा शकील, मां, चाची और एक अन्य महिला का नाम शामिल बताया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। अब जांच में यह भी सामने आने की उम्मीद है कि फैक्ट्री में पटाखों का निर्माण और भंडारण किन परिस्थितियों में किया जा रहा था और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
सीएम योगी ने मुआवजे का किया ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के साथ घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के कई लोगों की मौत बेहद दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने SRN अस्पताल में भर्ती घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार की प्राथमिकता घायलों की जान बचाना और उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि हादसे की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच के साथ रेस्क्यू पर नजर
फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे संभावित लोगों की तलाश और घायलों को उपचार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही पटाखा फैक्ट्री के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और हादसे की वजह की जांच भी की जा रही है। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में हुए कुल नुकसान और संभावित अतिरिक्त हताहतों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।