काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद कई जिलों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक 939 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि करीब 3,925 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए सुरक्षा बलों और रेस्क्यू टीमों का अभियान लगातार जारी है।
भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही
26 अगस्त को नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के जलग्रहण क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने बड़े इलाके को प्रभावित किया। इसके बाद बाढ़ का पानी निचले इलाकों तक पहुंचा और कई सड़कें, पुल, बस्तियां तथा पनबिजली परियोजनाएं प्रभावित हुईं। बाढ़ का असर रसुवा के अलावा नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहुन, चितवन और नवलपरासी समेत कई जिलों में देखने को मिला।
4 हजार के करीब लोग अब भी लापता
आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार करीब 3,925 लोग लापता हैं। इनमें पनबिजली परियोजनाओं के कर्मचारी, सुरक्षा बलों के जवान, विदेशी नागरिक और स्थानीय लोग शामिल हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की बड़ी संख्या में टीमें तैनात हैं। कई स्थानों पर मलबे और सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
मलबे से उठ रही दुर्गंध, बीमारी फैलने का खतरा
बाढ़ के कई दिन बाद प्रभावित इलाकों में एक नई चुनौती सामने आ रही है। मलबे, कीचड़ और दलदल में दबे शवों के कारण कई जगहों पर दुर्गंध फैलने लगी है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। रेस्क्यू टीमों के सामने अब केवल लापता लोगों की तलाश ही चुनौती नहीं है, बल्कि मलबे से शव निकालने, साफ-सफाई बनाए रखने और प्रभावित लोगों तक जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में भी रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ से नेपाल की कई पनबिजली परियोजनाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कुछ परियोजनाओं की सुरंगों में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है। बचाव दल सुरंगों तक पहुंचने और वहां फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
नेपाल सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। हजारों सुरक्षा कर्मियों को सर्च, रेस्क्यू और राहत कार्यों में लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों के जरिए भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और जरूरी सामान तथा चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ से हुई तबाही के बाद प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।