8th Pay Commission: आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की गतिविधियां अब तेज होती दिखाई दे रही हैं। आयोग का दल सदस्य सचिव पंकज जैन के नेतृत्व में जयपुर पहुंचा, जहां विभिन्न हितधारकों के साथ संवाद और परामर्श का सिलसिला जारी है। सोमवार को जयपुर स्थित हरिशचंद्र माथुर राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (HCM RIPA) में आयोग की ओर से केंद्र और राज्य सरकार में कार्यरत महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान महिला कार्मिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सुझाव और विचार लिए गए। इसके अलावा सदस्य सचिव पंकज जैन ने राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से भी मुलाकात की। बैठक में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और राजस्थान सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा गया।
महिला अधिकारियों-कर्मचारियों से पहली बार विशेष संवाद
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की ओर से देशभर में विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद और परामर्श कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जयपुर में महिला प्रतिनिधियों के लिए विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रेया गुहा ने बताया कि केंद्रीय वेतन आयोग की ओर से पहली बार इस तरह के संवाद कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार की महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विचार विशेष रूप से आमंत्रित किए गए। कार्यक्रम के दौरान महिला अधिकारियों ने दो सत्रों में अपने विचार और सुझाव आयोग के सामने रखे। मुख्य रूप से महिला कार्मिकों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी राय जानी गई।
महिला कर्मचारियों के मुद्दों पर मांगे गए सुझाव
बैठक में आयोग के सदस्य सचिव पंकज जैन ने महिला अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े अलग-अलग विषयों पर उनकी राय मांगी। महिला प्रतिनिधियों ने अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव और मुद्दे आयोग के सामने रखे। सदस्य सचिव ने उनके सुझावों को सुना और संबंधित विषयों पर चर्चा की। इस संवाद का उद्देश्य अलग-अलग वर्गों के कर्मचारियों की वास्तविक जरूरतों और समस्याओं को समझना बताया गया है, ताकि आयोग अपनी सिफारिशों को तैयार करते समय विभिन्न हितधारकों के विचारों पर विचार कर सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोग की अध्यक्ष भी जुड़ीं
जयपुर में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुईं। आयोग से जुड़े अन्य अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। इनमें अतिरिक्त सचिव बृजेंद्र नवनीत, संयुक्त सचिव नीरज कुमार गयागी, निदेशक आनंद कुमार झा, निदेशक कृष्णा वी. आर., निदेशक आशीष यादव, उप सचिव अभय एन. सहाय, अवर सचिव प्रतिभा राही और राहुल डाली, तथा अनूप कुमार शामिल रहे। इससे संकेत मिलता है कि आयोग अलग-अलग स्तरों पर हितधारकों से सुझाव लेने की प्रक्रिया को व्यापक रूप से आगे बढ़ा रहा है।
श्रेया गुहा ने भी महिला कार्मिकों से जुड़े मुद्दे रखे
संवाद कार्यक्रम में एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रेया गुहा ने भी महिला कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों पर अपने विचार रखे। इसके अलावा संस्थान की ओर से अतिरिक्त महानिदेशक शाहीन अली खान, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) डॉ. प्रभा व्यास, संयुक्त निदेशक (प्रशासन) शिप्रा शर्मा और उप निदेशक (प्रशासन) नीलम मीणा भी मौजूद रहीं। महिला कार्मिकों के मुद्दों पर हुई यह चर्चा आयोग की परामर्श प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से पंकज जैन की अहम मुलाकात
महिला प्रतिनिधियों के साथ संवाद के अलावा 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सदस्य सचिव पंकज जैन ने सोमवार को राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से भी मुलाकात की। यह बैठक शासन सचिवालय में हुई। इस दौरान आठवें केंद्रीय वेतन आयोग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। राजस्थान सरकार की ओर से मुख्य सचिव ने आयोग के समक्ष विचारार्थ महत्वपूर्ण विषयों को लेकर राज्य का दृष्टिकोण साझा किया।
राजस्थान सरकार ने आयोग के सामने रखा अपना पक्ष
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए सभी हितधारकों के बीच लगातार और व्यवस्थित परामर्श की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान राजस्थान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों और राज्य सरकार के दृष्टिकोण पर भी चर्चा हुई। ऐसे में यह बैठक राज्य सरकार और केंद्रीय वेतन आयोग के बीच संवाद के लिहाज से अहम मानी जा रही है। हालांकि, इस बैठक में वेतन या भत्तों में किसी निश्चित बढ़ोतरी का फैसला होने की जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल आयोग की प्रक्रिया में विभिन्न पक्षों से सुझाव और विचार लिए जा रहे हैं।
सेवा संघों के साथ हुई बैठकों की भी दी जानकारी
मुलाकात के दौरान पंकज जैन ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को आयोग की ओर से सेवा संघों के साथ की गई बैठकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा संघ, भारतीय पुलिस सेवा संघ और भारतीय वन सेवा संघ की ओर से प्रस्तुत ज्ञापनों में उठाए गए प्रमुख मुद्दों और बिंदुओं से भी मुख्य सचिव को अवगत कराया। इससे स्पष्ट है कि आयोग विभिन्न कर्मचारी और सेवा संगठनों से जुड़े पक्षों को भी अपनी परामर्श प्रक्रिया में शामिल कर रहा है।
क्या है 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की मौजूदा प्रक्रिया?
8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया में फिलहाल विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के विचार और सुझाव जुटाने पर जोर है। कर्मचारी संगठनों, सेवा संघों और अलग-अलग वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद के जरिए उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है। जयपुर में हुई बैठकों में भी इसी प्रक्रिया के तहत महिला कार्मिकों और राजस्थान सरकार का पक्ष सुना गया। इस तरह की बैठकों के बाद प्राप्त सुझावों और ज्ञापनों का आयोग की आगे की प्रक्रिया में क्या महत्व होगा, यह उसकी आगामी कार्यवाही और सिफारिशों से स्पष्ट होगा।
8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की नजर सिफारिशों पर
8वें केंद्रीय वेतन आयोग से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े वेतन, भत्ते और अन्य सेवा संबंधी विषयों पर उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। हालांकि जयपुर में हुई इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य तत्काल कोई वेतन बढ़ोतरी घोषित करना नहीं, बल्कि संबंधित पक्षों से सुझाव और विचार प्राप्त करना है। ऐसे में अभी किसी निश्चित वेतन वृद्धि या फिटमेंट फैक्टर को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। आयोग की अंतिम सिफारिशें और सरकार द्वारा उन पर लिया गया फैसला ही आगे की तस्वीर स्पष्ट करेगा।