Nepal Flood New Alert: नेपाल में हालिया बाढ़ और भूस्खलन की तबाही के बाद एक बार फिर मौसम और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। नदियों का पानी बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए 7 जिलों में नया अलर्ट जारी किया है। वहीं, पिछली आपदा में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने और लापता होने की खबर है। दिए गए विवरण के मुताबिक मौतों का आंकड़ा 1000 के पार पहुंच गया है, जबकि चितवन में सबसे ज्यादा 321 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
7 जिलों में नदी किनारे इलाकों के लिए अलर्ट
नेपाल में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहूं, नवलपरासी और चितवन जिलों के नदी किनारे बसे इलाकों के लिए चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है। लगातार बदल रहे मौसम के बीच नदी का जलस्तर बढ़ना राहत एवं बचाव एजेंसियों के लिए भी चुनौती बन गया है।
26 अगस्त की आपदा ने मचाई थी भारी तबाही
नेपाल में मौजूदा हालात की शुरुआत 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद हुई बाढ़ से जुड़ी बताई जा रही है। ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के कई इलाकों को प्रभावित किया। बड़ी संख्या में लोग इस आपदा की चपेट में आए और कई क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हुआ। इसके बाद से ही नेपाल में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
मौतों का आंकड़ा 1000 के पार पहुंचने का दावा
आपदा के बाद नेपाल में 1000 से अधिक लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं, तिब्बत में भी 16 लोगों की मौत की बात कही गई है। नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में चितवन में सबसे अधिक शव बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। यहां अब तक 321 शव मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा 4400 से ज्यादा लोगों के लापता होने की आशंका जताई गई है। हालांकि अंतिम आंकड़े राहत एवं बचाव अभियान और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
खराब मौसम ने बढ़ाई राहत-बचाव की मुश्किल
नेपाल में राहत और खोज अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौसम बनी हुई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। कई जगहों पर मलबे और खराब रास्तों के कारण बचाव दलों को अभियान चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
नदियों का बढ़ता जलस्तर क्यों बढ़ा रहा चिंता?
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में पहले से ही हालात चुनौतीपूर्ण हैं। ऐसे में नदियों का दोबारा बढ़ता जलस्तर नई परेशानी खड़ी कर सकता है। नदी किनारे बसे इलाकों में अचानक पानी बढ़ने से लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यही वजह है कि प्रशासन ने संवेदनशील जिलों में पहले से चेतावनी जारी कर लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है।
राहत अभियान के साथ नई चुनौती
नेपाल में एक तरफ पिछली आपदा के पीड़ितों तक मदद पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश का अभियान चल रहा है, तो दूसरी ओर नए बाढ़ अलर्ट ने प्रशासन के सामने एक और चुनौती खड़ी कर दी है। खराब मौसम के बीच प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाना, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाना और नदी किनारे बसे क्षेत्रों की निगरानी करना बचाव एजेंसियों की प्राथमिकता बनी हुई है।