नई दिल्ली - भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में अपनी बल्लेबाजी से एक बार फिर सबका ध्यान खींच लिया है। ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए 15 वर्षीय वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ शानदार 92 रन की पारी खेली। हालांकि, वह अपने पहले दलीप ट्रॉफी शतक से महज 8 रन दूर रह गए, लेकिन इस पारी के दौरान उन्होंने टूर्नामेंट के इतिहास में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में जड़ा अर्धशतक
बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के ग्राउंड-1 पर वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल और 157 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में पचास रन का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि के साथ वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए। खास बात यह है कि इससे पहले इस रिकॉर्ड पर करीब 57 वर्षों से एक नाम कायम था। वैभव ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से उस पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
छक्के के साथ पूरा किया अर्धशतक
वैभव ने अपनी पारी के दौरान सेंट्रल जोन के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। ऑफ स्पिनर सारांश जैन की गेंद पर छक्का लगाकर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया। शुरुआत से ही उन्होंने आक्रामक रवैया अपनाया और मैदान के अलग-अलग हिस्सों में चौके-छक्के लगाए। 40 रन के निजी स्कोर पर वैभव को एक जीवनदान भी मिला। इसके बाद उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाया और अपनी पारी को तेजी से आगे बढ़ाया।
81 से 90 तक पहुंचने में दिखाया दम
वैभव जब 81 रन के स्कोर पर पहुंचे तो उन्होंने सारांश जैन के ओवर में एक चौका और एक छक्का लगाकर 90 रन पूरे किए। उस समय ऐसा लग रहा था कि युवा बल्लेबाज अपने पहले दलीप ट्रॉफी शतक तक आसानी से पहुंच जाएंगे। लेकिन उनकी पारी का अंत हर्ष दुबे की गेंद पर हुआ। अरशद खान ने उनका कैच लपक लिया और इस तरह 81 गेंदों में 92 रन बनाकर वैभव पवेलियन लौट गए।
अभिमन्यु ईश्वरन के साथ बड़ी साझेदारी
वैभव ने अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर ईस्ट जोन को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 162 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने ईस्ट जोन को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वैभव की 92 रन की पारी में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ दबाव में रन बनाने की क्षमता भी नजर आई।

शतक पूरा करते तो टूटता सचिन का रिकॉर्ड
वैभव के पास इस मुकाबले में दलीप ट्रॉफी के इतिहास का एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका था। अगर वह शतक पूरा कर लेते, तो वह इस टूर्नामेंट में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन जाते। फिलहाल यह रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम है। सचिन ने 1990-91 सीजन में 17 साल 262 दिन की उम्र में दलीप ट्रॉफी में शतक लगाया था। वैभव शतक से चूककर इस रिकॉर्ड को तो नहीं तोड़ सके, लेकिन 15 साल की उम्र में 92 रन की पारी खेलकर उन्होंने अपने नाम इतिहास का एक और खास अध्याय जरूर जोड़ दिया।
90 के स्कोर पर आउट होने का सिलसिला जारी
दिलचस्प बात यह भी है कि वैभव के करियर में 11 शतक होने के बावजूद यह सातवां मौका है, जब वह 90 के स्कोर के आसपास आउट हुए हैं। दलीप ट्रॉफी में उनकी यह पारी उनके बढ़ते कद और बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता का एक और उदाहरण बन गई है।