नई दिल्ली - भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भले ही लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हों, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनकी सक्रियता लगातार बनी हुई है। इन दिनों शमी बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की ओर से खेल रहे हैं। सेंट्रल जोन के खिलाफ मुकाबले में गेंदबाजी करते हुए शमी ने अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली।

900 प्रोफेशनल विकेट पूरे करने वाले गेंदबाज बने शमी
सेंट्रल जोन के खिलाफ मैदान पर उतरते ही शमी ने प्रोफेशनल क्रिकेट में अपने 900 विकेट पूरे कर लिए। इस उपलब्धि के साथ वह भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने प्रोफेशनल स्तर पर 900 या उससे अधिक विकेट हासिल किए हैं। शमी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि पिछले कुछ समय से वह चोट और फिटनेस से जुड़ी चुनौतियों के कारण भारतीय टीम का नियमित हिस्सा नहीं रहे हैं। इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते हुए उन्होंने अपनी गेंदबाजी की धार बरकरार रखी है।
ईस्ट जोन की टीम का हिस्सा हैं शमी
दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन की कमान विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन के हाथों में है, जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। टीम में अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन और तेज गेंदबाज मुकेश कुमार जैसे खिलाड़ी भी मौजूद हैं। ईस्ट जोन के सामने रजत पाटीदार की कप्तानी वाली सेंट्रल जोन की चुनौती है। मुकाबले में सभी की नजरें शमी की गेंदबाजी पर भी बनी हुई हैं, क्योंकि वह लंबे अंतराल के बाद घरेलू क्रिकेट में अपनी लय साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारतीय तेज गेंदबाजों की खास सूची में छठे नंबर पर
900 प्रोफेशनल विकेट पूरे करने के साथ मोहम्मद शमी भारतीय तेज गेंदबाजों की एक खास सूची में छठे स्थान पर पहुंच गए हैं। उनसे पहले कपिल देव, जवागल श्रीनाथ, जहीर खान, आर. विनय कुमार और जयदेव उनादकट जैसे भारतीय तेज गेंदबाज यह आंकड़ा पार कर चुके हैं। शमी की यह उपलब्धि उनके लंबे और सफल करियर को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा घरेलू और अन्य प्रोफेशनल मुकाबलों में भी उन्होंने लगातार विकेट हासिल किए हैं।

टीम इंडिया में वापसी पर भी नजर
शमी के लिए दलीप ट्रॉफी का यह मुकाबला सिर्फ एक घरेलू मैच नहीं, बल्कि अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित करने का मौका भी है। भारतीय टीम में वापसी के लिए वह घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन के जरिए चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहेंगे। 900 विकेट का आंकड़ा पार करना उनके लिए एक बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि है। अब देखना होगा कि घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उन्हें एक बार फिर भारतीय टीम की जर्सी तक पहुंचाने में कितना मददगार साबित होता है।