मंगलवार को राजधानी लखनऊ में मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर करीब 2 बजे आसमान में घने बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई।बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी भर गया। यातायात पर भी इसका असर देखने को मिला। प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है।
72 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 72 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। लखनऊ के अलावा कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई।बारिश के साथ कई इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
चित्रकूट में फिर उफनाई मंदाकिनी
लगातार बारिश के कारण चित्रकूट में मंदाकिनी नदी एक बार फिर उफान पर है। नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। रामघाट और आसपास के इलाकों में पानी सड़कों तक पहुंच गया है।कई स्थानों पर नदी का पानी घुटनों से ऊपर बह रहा है। करीब 500 दुकानों और 20-25 होटलों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है।हालात को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।चित्रकूट में स्थिति बिगड़ने के बाद डीएम और एसपी खुद सड़कों पर उतरे और हालात का जायजा लिया।प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को सावधान किया गया। लोगों से घर और दुकानें बंद कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।
सहारनपुर में बरसाती नदी में आया सैलाब
सहारनपुर में मूसलाधार बारिश के बाद बरसाती नदी में अचानक पानी बढ़ गया। पुल और सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।वहीं फतेहपुर में करीब 10 मीटर सड़क का हिस्सा बहने की जानकारी है। कन्नौज में भारी बारिश के कारण कई गलियां पानी से भर गईं और जलभराव के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रायबरेली में बिजली गिरने से मौत
रायबरेली में बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। लगातार खराब मौसम को देखते हुए लोगों से खुले स्थानों पर जाने और बिजली चमकने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
वाराणसी में गंगा खतरे के निशान के करीब
वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिसके चलते घाटों पर स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है।
रत्नेश्वर महादेव मंदिर भी पानी में डूबा
काशी में करीब 50 फीट ऊंचा रत्नेश्वर महादेव मंदिर लगभग 95 प्रतिशत तक पानी में डूब गया है। वहीं दशाश्वमेध घाट स्थित जल पुलिस की चौकी में भी पानी घुस गया है।लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से घाटों और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।
बारिश और बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता
प्रदेश के कई हिस्सों में एक साथ बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। खासकर चित्रकूट और वाराणसी जैसे इलाकों में निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।