पुरी - पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर की आर्थिक व्यवस्था और मंदिर की निधियों को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। मंदिर की आय का प्रमुख स्रोत श्रद्धालुओं से मिलने वाला दान है। इसके अलावा मंदिर की खदानों से होने वाली आय, सावधि जमा (FD) से मिलने वाला ब्याज, जमीन की बिक्री एवं अधिग्रहण और सरकार से मिलने वाला अनुदान भी मंदिर की आय का हिस्सा हैं। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, इन निधियों का प्रबंधन निर्धारित वित्तीय व्यवस्था के तहत किया जाता है और मंदिर की दैनिक गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक राशि अलग से रखी जाती है।

तीनों फंड में 1,811 करोड़ से ज्यादा की FD
श्रीजगन्नाथ मंदिर कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक मंदिर के तीनों फंड में कुल 1,811 करोड़ 9 लाख 58 हजार 283 रुपये की राशि सावधि जमा के रूप में रखी गई थी। इसमें से 1,311 करोड़ 9 लाख 58 हजार 283 रुपये विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा हैं। मंदिर प्रशासन इन निधियों को अलग-अलग फंड के तहत व्यवस्थित तरीके से रखता है।

कॉर्पस और फाउंडेशन फंड की अलग व्यवस्था
मंदिर प्रशासन अपनी आय का एक निर्धारित हिस्सा कॉर्पस फंड और दूसरा हिस्सा फाउंडेशन फंड के रूप में सावधि जमा में रखता है। इसके अलावा बची हुई राशि मंदिर फंड में रखी जाती है, जिसका इस्तेमाल श्रीमंदिर के दैनिक खर्च और संचालन से जुड़े कार्यों में किया जाता है। मंदिर फंड में उपलब्ध अतिरिक्त राशि को भी आवश्यकता के अनुसार FD में जमा किया जाता है। प्रशासन का कहना है कि मंदिर की संपत्तियों और निधियों का पारदर्शी एवं उचित प्रबंधन उसकी प्रमुख जिम्मेदारी है।

ओडिशा सरकार के 500 करोड़ रुपये भी जमा
ओडिशा सरकार की ओर से श्रीजगन्नाथ मंदिर के लिए प्रदान किए गए 500 करोड़ रुपये के कॉर्पस फंड को मंदिर के पीएल (PL) खाते में रखा गया है। इसके अलावा मंदिर के विभिन्न बैंक खातों में 100 करोड़ 70 लाख 66 हजार 868 रुपये जमा हैं। यह रकम सेविंग्स, करंट और फ्लेक्सी खातों में रखी गई है।

हुंडी में आने वाले दान की रोजाना गिनती
मंदिर प्रशासन के अनुसार, वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हुंडी में प्राप्त दानराशि की प्रतिदिन गिनती की जाती है। हुंडी से मिलने वाली राशि से संबंधित जानकारी सूचना पट्ट और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक की जाती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं और आम लोगों को मंदिर में प्राप्त होने वाले दान के बारे में नियमित जानकारी उपलब्ध कराना है।
निधियों के प्रबंधन पर कई स्तर की निगरानी
श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन का कहना है कि मंदिर की वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए निधियों का उचित प्रबंधन किया जा रहा है। मंदिर की संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों की निगरानी कई स्तरों पर की जाती है। प्रशासन के मुताबिक, महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के प्रति भक्तों की आस्था से जुड़ी दानराशि और मंदिर की संपत्ति का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है।
श्रद्धालुओं के सामने रखी जा रही वित्तीय जानकारी
मंदिर प्रशासन का कहना है कि इसी उद्देश्य के तहत मंदिर की आय, जमा राशि और वित्तीय व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां आम जनता और श्रद्धालुओं के सामने रखी जा रही हैं। हुंडी से प्राप्त दान की नियमित जानकारी सार्वजनिक करना भी इसी पारदर्शिता व्यवस्था का हिस्सा है। प्रशासन के अनुसार, इससे मंदिर की वित्तीय गतिविधियों को लेकर श्रद्धालुओं के बीच भरोसा और जवाबदेही दोनों मजबूत होते हैं।