प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह वाराणसी में बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और महापौर अशोक तिवारी से टेलीफोन पर बातचीत कर शहर के मौजूदा हालात की जानकारी ली।करीब 10 मिनट की बातचीत में प्रधानमंत्री ने उन इलाकों की स्थिति के बारे में पूछा, जहां गंगा का जलस्तर बढ़ने से सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की राहत और बचाव तैयारियों की भी जानकारी ली।
गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से ऊपर
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री को बताया कि वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं चेतावनी स्तर 70.26 मीटर है। यानी गंगा का पानी चेतावनी निशान से ऊपर पहुंच चुका है।बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नौका संचालन रोक दिया गया है। प्रशासन की टीमें लगातार नदी के जलस्तर और आसपास के इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
24 घंटे निगरानी कर रहा प्रशासन
डीएम ने बताया कि वाराणसी में बाढ़ की स्थिति पर निगरानी के लिए प्रशासन की टीमें 24 घंटे तैनात हैं। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के साथ जलभराव वाले क्षेत्रों और वरुणा नदी के आसपास के इलाकों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर काम करे और उन्हें तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
जहां जरूरत हो, तुरंत पहुंचाई जाए राहत सामग्री
पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन इलाकों में राहत सामग्री की अतिरिक्त जरूरत हो, वहां बिना देरी किए इसकी व्यवस्था की जाए।उन्होंने बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों पर लगातार सतर्क नजर रखने तथा प्रभावित लोगों को अविलंब राहत उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
मेयर से बोले PM- राहत शिविरों पर विशेष ध्यान दें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महापौर अशोक कुमार तिवारी से भी फोन पर बातचीत कर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। बातचीत के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव और गंगा के बढ़ते जलस्तर से पैदा हुई परिस्थितियों पर चर्चा हुई।पीएम ने विशेष रूप से बाढ़ राहत शिविरों के संचालन और व्यवस्थाओं पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने शिविरों में रह रहे लोगों के लिए खाद्य सामग्री, पेयजल, दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली।
राहत शिविरों में किसी तरह की असुविधा न हो
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत शिविरों में शरण लेने वाले नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने यह भी कहा कि सभी जनप्रतिनिधि और नगर निगम के पार्षद आपसी समन्वय के साथ धरातल पर सक्रिय रहकर राहत कार्यों में सहयोग करें।
बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर
गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से ऊपर पहुंचने के बाद वाराणसी में प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। जलस्तर, जलभराव और वरुणा नदी के आसपास के क्षेत्रों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद राहत शिविरों में व्यवस्थाओं और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने पर प्रशासन का विशेष फोकस है।