नई दिल्ली - पिछले कुछ दिनों से लगातार दबाव में चल रहे सोने और चांदी के भाव में गुरुवार, 3 सितंबर को फिर तेजी देखने को मिली। कमोडिटी मार्केट खुलते ही दोनों कीमती धातुओं के दाम करीब 1 प्रतिशत तक चढ़ गए। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में नरमी को इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। ऐसे में अगर आप आने वाले दिनों में सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो आज के बाजार भाव और इनके पीछे के कारणों को समझना जरूरी है।

MCX पर सोना 0.75% चढ़ा
गुरुवार सुबह के कारोबार में MCX पर अक्टूबर वायदा सोना 0.75 प्रतिशत बढ़कर 1,53,542 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले सोने की कीमतों में लगातार कमजोरी देखने को मिली थी। बाद के कारोबार में भी तेजी बनी रही। बाजार अपडेट के अनुसार दिन में MCX गोल्ड करीब 1 प्रतिशत तक ऊपर कारोबार कर रहा था।

चांदी भी 2.38 लाख रुपये के पार
सोने के साथ चांदी में भी खरीदारी देखने को मिली। MCX पर दिसंबर वायदा चांदी 0.88 प्रतिशत बढ़कर 2,38,340 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई। यानी शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं ने हालिया गिरावट से कुछ राहत दी। बाद के कारोबार में चांदी में भी करीब 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से मिला सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आने से सोने की मांग को सहारा मिला। आमतौर पर डॉलर में कमजोरी से डॉलर में कीमत वाले सोने की अन्य मुद्राओं में खरीदारी अपेक्षाकृत आकर्षक हो जाती है। इसके अलावा निवेशकों की नजर अमेरिका के आगामी रोजगार आंकड़ों पर भी है, क्योंकि इनसे फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर बाजार की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है।

ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ MCX रेट न देखें
यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। MCX के भाव वायदा अनुबंधों के होते हैं, जबकि ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहक को स्थानीय बाजार में सोने की शुद्धता के हिसाब से अलग कीमत चुकानी पड़ती है। 24 कैरेट, 22 कैरेट और दूसरी शुद्धता वाले सोने के दाम अलग हो सकते हैं। इसके अलावा ज्वेलरी की अंतिम कीमत में GST और मेकिंग चार्ज भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए MCX पर दिखने वाला भाव सीधे दुकान की ज्वेलरी कीमत के बराबर नहीं होता।
खरीदारी से पहले बाजार पर रखें नजर
सोने और चांदी में 3 सितंबर को आई तेजी ने हालिया गिरावट के बीच निवेशकों को राहत दी है। हालांकि, कीमती धातुओं की कीमतों पर आगे भी अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों की उम्मीद और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों का असर बना रह सकता है। इसलिए अगर आप ज्वेलरी या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले स्थानीय बाजार का ताजा रिटेल रेट, शुद्धता, GST और मेकिंग चार्ज जरूर जांच लें।