ग्वालियर, 3 सितंबर 2026 | भगवान बलराम जयंती के मौके पर ग्वालियर में बुधवार को किसानों के लिए सौगातों का पिटारा खुला। राज्य स्तरीय बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पोर्टल और कृषक कवच योजना का शुभारंभ किया। साथ ही प्रदेश में नई पंजीकृत 200 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों यानी PACS के कार्यालयों की शुरुआत की गई। ग्वालियर में अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा का भी शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने किसानों को रात में सिंचाई करने की परेशानी से राहत देने की बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसानों को दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
किसानों को अब दिन में 10 घंटे बिजली देने की तैयारी
मंच से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ी है और सरकार किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय पर्याप्त बिजली देने की व्यवस्था कर रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक मध्य प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता अब करीब 31 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को रात में खेतों पर जाकर सिंचाई करने की मजबूरी से राहत देने के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर काम चल रहा है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में तत्काल लागू हो गई है, ऐसा नहीं है। मुख्यमंत्री ने इसे आने वाले समय की व्यवस्था के रूप में बताया है।
KCC Portal से किसानों का काम होगा ऑनलाइन
बलराम जयंती महोत्सव में मुख्यमंत्री ने Online Kisan Credit Card Portal भी लॉन्च किया। इसके जरिए किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और डिजिटल बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकार का फोकस यह है कि किसान को ऋण और सहकारी व्यवस्था से जुड़ी सुविधाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े मामलों में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही।
कृषक कवच योजना भी हुई लॉन्च
कार्यक्रम में कृषक कवच योजना की भी शुरुआत की गई। सरकार इसे किसानों को मुश्किल परिस्थितियों में सहायता और सुरक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
हालांकि योजना की विस्तृत पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभ की राशि जैसी सभी शर्तों को आधिकारिक दिशा-निर्देश के आधार पर ही प्रकाशित करना बेहतर होगा।
200 नए PACS कार्यालय शुरू
प्रदेश में सहकारिता का नेटवर्क बढ़ाने के लिए 200 नवीन पंजीकृत प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कार्यालयों का भी शुभारंभ किया गया। PACS ग्रामीण स्तर पर किसानों को कृषि ऋण, खाद-बीज और दूसरी सहकारी सेवाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। सरकार का कहना है कि नई समितियों से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तक सहकारी सुविधाओं की पहुंच बढ़ेगी।
शून्य प्रतिशत ब्याज योजना में भी बदलाव
महोत्सव के दौरान किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाले कृषि ऋण की प्रक्रिया के सरलीकरण का भी जिक्र हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को छह-छह महीने में खाता पलटने की परेशानी से राहत देने की व्यवस्था की गई है। नई व्यवस्था में किसान साल के दौरान सुविधानुसार ऋण राशि जमा कर सकेंगे।
60 लाख से 1 करोड़ हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने सिंचाई को लेकर भी बड़ा लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में वर्तमान में 60 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र सिंचित है और सरकार इसे अगले ढाई साल में 100 लाख यानी एक करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाना चाहती है। उन्होंने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना सहित सिंचाई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड, ग्वालियर-चंबल, मालवा और प्रदेश के दूसरे हिस्सों में खेती की तस्वीर बदल सकती है।
किसानों से बोले CM- अपनी जमीन मत बेचना
मुख्यमंत्री ने किसानों से अपनी खेती की जमीन संभालकर रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि आने वाला समय मध्य प्रदेश की खेती के लिए महत्वपूर्ण है। बच्चों को पढ़ाएं, उन्हें डॉक्टर-इंजीनियर बनाएं, लेकिन उनका खेती से रिश्ता बना रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सिंचाई, सड़क और दूसरी सुविधाएं बढ़ने से कृषि भूमि का महत्व आने वाले समय में और बढ़ेगा।
खेती के साथ बागवानी पर भी जोर
राज्य सरकार केवल गेहूं, धान या दूसरी पारंपरिक फसलों तक किसानों की आय सीमित नहीं रखना चाहती। मुख्यमंत्री ने उद्यानिकी को बढ़ावा देने और किसानों को बगीचे लगाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना का भी जिक्र किया और किसानों से खेती के साथ उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ने की अपील की।
पशुपालन से बढ़ेगी किसान की आमदनी
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन और कुक्कुट पालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बड़ा जरिया बन सकते हैं। उन्होंने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लक्ष्य का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में गौपालन और पशुपालन के लिए ऋण एवं अनुदान व्यवस्था की जानकारी भी दी गई।
सिंधिया बोले- टेक्नोलॉजी बदलेगी खेती
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आधुनिक तकनीक किसानों की खेती का तरीका बदल रही है। उन्होंने कृषि में ड्रोन, सेंसर, डिजिटल व्यवस्था और अक्षय ऊर्जा के इस्तेमाल को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बांधों और जलाशयों के विस्तार से खेती को फायदा हुआ है और आगे अक्षय ऊर्जा भी किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया बलराम जयंती का महत्व
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर में करीब दो दशक से भगवान बलराम जयंती महोत्सव मनाया जाता रहा है और अब प्रदेश स्तर पर भी इसे किसान और कृषि से जोड़कर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान समृद्ध होगा तो गांव, प्रदेश और देश भी समृद्ध होगा।
ग्वालियर से किसानों के लिए ये बड़ी शुरुआत
बलराम जयंती के मंच से किसानों के लिए चार प्रमुख कदम सामने आए—Online KCC Portal, कृषक कवच योजना, शून्य प्रतिशत ब्याज योजना का सरलीकरण और 200 नए PACS कार्यालयों की शुरुआत। इसके साथ ग्वालियर में अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा भी शुरू हुई। कुल मिलाकर सरकार ने किसान कल्याण वर्ष के तहत सिंचाई, बिजली, सहकारिता, डिजिटल बैंकिंग, पशुपालन और उद्यानिकी को किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति से जोड़ा है।