भोपाल, 4 सितंबर 2026 | श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर आज पूरा मध्यप्रदेश कान्हा की भक्ति के रंग में रंगने जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से ‘घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल’ की संकल्पना के साथ बड़े स्तर पर ‘श्रीकृष्ण पर्व’ मनाया जा रहा है। प्रदेश के सभी 55 जिलों में 111 स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जबकि 7500 से ज्यादा श्रीकृष्ण मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की जाएगी। इन आयोजनों में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के 1500 से अधिक स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पर भी जन्माष्टमी का विशेष आयोजन रखा गया है। वहीं कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जानापाव पहुंचकर प्रस्तावित परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन करेंगे।
55 जिलों के 111 स्थानों पर कृष्ण की लीलाएं
संस्कृति विभाग के श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की ओर से प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं, गुरु-शिष्य परंपरा, सुदामा से मित्रता, रुक्मिणी विवाह, कालिया मर्दन और गीता उपदेश जैसे प्रसंगों को मंच पर उतारा जाएगा। रासलीला, नृत्य-नाटिका, भजन, लोकगायन, कथक, भरतनाट्यम और दूसरी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी।
7500 से ज्यादा कृष्ण मंदिरों में खास सजावट
जन्माष्टमी पर प्रदेश के 7500 से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों में विशेष श्रृंगार और सजावट की जाएगी। यह आंकड़ा उन सभी मंदिरों का है जहां जन्माष्टमी की विशेष तैयारियां की गई हैं। वहीं चयनित प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर अलग से सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां भी होंगी। यानी 7500 मंदिरों में सजावट और करीब 81-82 प्रमुख मंदिरों में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं।
CM हाउस में राधा-कृष्ण बनकर पहुंचेंगे 101 से ज्यादा बच्चे
मुख्यमंत्री निवास पर होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में 101 से अधिक बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल होंगे। यहां मटकी फोड़, भक्ति और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बच्चों को माखन-मिश्री, लड्डू गोपाल की प्रतिमा और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित पुस्तक भेंट करेंगे।
मटकी फोड़ में दिखेगी कान्हा की बाल लीला
मुख्यमंत्री निवास के आयोजन में मटकी फोड़ खास आकर्षण रहेगा। इसके जरिए श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और ब्रज की उत्सव परंपरा की झलक दिखाई जाएगी। प्रदेश के स्कूलों और दूसरे सार्वजनिक आयोजनों में भी मटकी सज्जा, मटकी फोड़, बांसुरी वादन, भजन और कृष्ण से जुड़ी झांकियों जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण लोक की रखी जाएगी नींव
आज के कार्यक्रमों में एक बड़ा आकर्षण इंदौर जिले के महू क्षेत्र का जानापाव रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यहां प्रस्तावित परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन करेंगे। धार्मिक परंपरा में जानापाव को भगवान परशुराम से जुड़ा स्थल माना जाता है। यहां भगवान परशुराम द्वारा श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र दिए जाने के प्रसंग को सांस्कृतिक नृत्य-नाटिका के रूप में भी प्रस्तुत करने की योजना है।
कृष्ण से जुड़े स्थलों को पर्यटन से जोड़ने की तैयारी
सरकार का फोकस जन्माष्टमी के आयोजन तक सीमित नहीं है। प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की भी कोशिश की जा रही है। उज्जैन का सांदीपनि आश्रम और नारायणा धाम, धार का अमझेरा, जानापाव और रायसेन का जामगढ़ जैसे स्थान श्रीकृष्ण पर्व के आयोजनों में विशेष रूप से शामिल किए गए हैं।
उज्जैन से पन्ना तक दिखेंगे अलग-अलग कृष्ण प्रसंग
उज्जैन, पन्ना, धार, देवास, दमोह, रीवा, मंदसौर, मुरैना, नीमच, रायसेन समेत कई जिलों में स्थानीय संस्कृति के साथ श्रीकृष्ण के अलग-अलग प्रसंगों को जोड़ा गया है।
पन्ना में बलदेव-श्रीकृष्ण प्रसंग और प्रणामी परंपरा, अमझेरा में रुक्मिणी वरण-विवाह तथा दूसरे स्थानों पर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और भक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
स्थानीय कलाकारों को भी मिलेगा बड़ा मंच
श्रीकृष्ण पर्व में 1500 से ज्यादा स्थानीय कलाकारों को मौका दिया गया है। सरकार इसे प्रदेश की लोक संस्कृति को बड़ा मंच देने से भी जोड़ रही है।
मालवी, बुंदेली और बघेली लोकगायन के साथ भजन, नृत्य-नाटिका और शास्त्रीय नृत्य के जरिए अलग-अलग अंचलों की सांस्कृतिक पहचान भी सामने आएगी।
आज आस्था और संस्कृति का संगम
जन्माष्टमी पर प्रदेश में मंदिरों की सजावट से लेकर गांव-शहरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, CM हाउस का बाल-कृष्ण उत्सव और जानापाव में नए धार्मिक-सांस्कृतिक प्रोजेक्ट का भूमिपूजन—इन सभी आयोजनों के जरिए सरकार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को प्रदेशव्यापी सांस्कृतिक पर्व के रूप में मना रही है। आज रात मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ विशेष पूजा, आरती और भजन-कीर्तन का दौर भी चलेगा।