भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अनेक कष्टों और संघर्षों से भरा रहा, लेकिन वे कभी अपने कर्तव्य से विमुख नहीं हुए। उनका जीवन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी है।
द्वारकाधीश और रुक्मणी माता के किए दर्शन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जन्माष्टमी से एक दिन पहले गुजरात पहुंचकर द्वारकाधीश और रुक्मणी माता मंदिर में दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार सुबह 11 बजे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर 101 बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल होंगे।
55 जिलों में 111 स्थानों पर होंगे कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ‘घर-घर गोकुल, घर-घर गोपाल’ की संकल्पना के साथ श्रीकृष्ण पर्व मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में 111 स्थानों पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश के 7500 से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आयोजनों के माध्यम से प्रदेश में श्रीकृष्ण की शिक्षाओं, संस्कृति और परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का होगा भूमि पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार दोपहर 2:30 बजे जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण लोक का भूमि पूजन करेंगे। यहां भगवान परशुराम और श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण प्रसंग पर आधारित नृत्य नाटिका भी आयोजित की जाएगी।
अलग-अलग स्थानों पर दिखेगी श्रीकृष्ण की लीलाएं
श्रीकृष्ण पर्व के तहत प्रदेश के विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।
- नारायणा धाम में 5 दिवसीय विशेष आयोजन होगा।
- उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में गुरु-शिष्य परंपरा की झलक देखने को मिलेगी।
- महिदपुर में राधा-कृष्ण प्रेम नृत्य और लोकसंगीत की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी।
- पन्ना और अमझेरा में श्रीकृष्ण के विविध प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा।
- जानापाव में परशुराम-श्रीकृष्ण प्रसंग पर केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी।
‘कर्म और धर्म के मार्ग पर अडिग रहें’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के भीषण युद्ध के बीच कर्मवाद का सिद्धांत देकर मानवता को जीवन का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने बताया कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, व्यक्ति को बुद्धि और धैर्य के साथ कर्म और धर्म के सद्मार्ग पर अडिग रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन संघर्षों के बीच कर्तव्य निभाने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में श्रीकृष्ण पर्व के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।