कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में शुक्रवार को बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 4 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक गंगीय पश्चिम बंगाल में शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। पिछले कुछ दिनों में कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश के पीछे सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र और मानसूनी अक्षरेखा का प्रभाव रहा है। 3 सितंबर को IMD के क्षेत्रीय केंद्र ने बताया था कि उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास बना Well-Marked Low Pressure Area उसी क्षेत्र में कायम था, जबकि इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण ऊंचाई तक फैला हुआ था।
कोलकाता में शुक्रवार को कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के शहरवार पूर्वानुमान के अनुसार, 4 सितंबर को कोलकाता में सामान्यतः बादल छाए रहने और एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। गरज-चमक के दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।इससे बारिश के बाद उमस बनी रहने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलजमाव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।
दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
IMD ने गंगीय पश्चिम बंगाल में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को व्यापक भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, हालांकि 8 और 9 सितंबर को फिर बारिश बढ़ने का अनुमान है। कोलकाता के अलावा दक्षिण बंगाल के अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रह सकती है। हालिया पूर्वानुमानों में कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, नदिया और पूर्व बर्दवान सहित कई इलाकों में बारिश तथा तेज हवाओं की संभावना बताई गई थी।
उत्तर बंगाल में भी बारिश का दौर जारी
दक्षिण बंगाल के साथ-साथ दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार समेत उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी बारिश का असर बना हुआ है। IMD के अनुसार 4 और 5 सितंबर को इस क्षेत्र में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। 6 से 8 सितंबर के दौरान भी कई स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश की स्थिति में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन और सड़क संपर्क प्रभावित होने का जोखिम भी बढ़ सकता है। हाल के दिनों में मौसम विभाग ने दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में भारी बारिश के बीच भूस्खलन के खतरे को लेकर भी चेतावनी दी थी।
बारिश की वजह क्या है?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक हालिया बारिश के पीछे मुख्य रूप से निम्न दबाव क्षेत्र, सक्रिय मानसूनी अक्षरेखा और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी का योगदान है। 3 सितंबर के IMD बुलेटिन में उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने Well-Marked Low Pressure Area और उससे जुड़े ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण का उल्लेख किया गया था। मौसम प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान था। यही मौसम प्रणालियां बंगाल के ऊपर नमी और संवहन को बढ़ाकर कई इलाकों में अचानक तेज बारिश और गरज-चमक वाली बौछारों की स्थिति पैदा कर सकती हैं।
बारिश के बीच जलजमाव और ट्रैफिक की चुनौती
पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से कोलकाता के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति बनी और कार्यालय जाने वाले समय में यातायात प्रभावित हुआ। IMD के आंकड़ों के अनुसार, 2 सितंबर तक शहर में 24 घंटे में करीब 94 मिमी और इसके अगले 24 घंटे में करीब 120 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। ऐसे में शुक्रवार को भी अचानक तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी जमा होने और सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मछुआरों के लिए क्या है सलाह?
बंगाल की खाड़ी में फिलहाल पश्चिम बंगाल के तट पर बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। 3 सितंबर की रात से 4 सितंबर की सुबह तक के समुद्री मौसम बुलेटिन में पश्चिम बंगाल तट के अधिकांश हिस्सों में बारिश या गरज के साथ बौछारें और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। हालांकि उस समय कोई स्टॉर्म वार्निंग या पोर्ट सिग्नल जारी नहीं था।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और असुरक्षित ढांचों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। अचानक तेज बारिश होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना और जलजमाव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतना बेहतर होगा।फिलहाल मौसम विभाग के पूर्वानुमान से संकेत है कि कोलकाता और बंगाल में बारिश का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। शुक्रवार और शनिवार को दक्षिण बंगाल में मौसम सक्रिय रहने के बाद कुछ दिनों के लिए बारिश में कमी आ सकती है, हालांकि अगले सप्ताह फिर बारिश बढ़ने का अनुमान है।