PM Modi-Giorgia Meloni: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश की राजनीति में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। उनकी सरकार ने लगातार 1413 दिन सत्ता में रहते हुए पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी की दूसरी सरकार के 1412 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मेलोनी की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए भारत और इटली के बीच संबंधों को मजबूत करने में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया।
1413 दिन की सत्ता, इटली में बना नया रिकॉर्ड
जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने शुक्रवार को लगातार 1413 दिन पूरे किए। 1946 में इटली गणराज्य बनने के बाद किसी एक कैबिनेट के लगातार सत्ता में रहने का यह सबसे लंबा कार्यकाल है। इससे पहले यह रिकॉर्ड सिल्वियो बर्लुस्कोनी की दूसरी सरकार के नाम था, जो 2001 से 2005 के बीच 1412 दिनों तक सत्ता में रही थी। मेलोनी ने महज एक दिन के अंतर से यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
PM मोदी ने मेलोनी को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इटली की प्रधानमंत्री को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। मोदी ने मेलोनी को अपनी मित्र बताते हुए कहा कि उनका यह रिकॉर्ड इटली के लोगों के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मेलोनी की दोस्ती भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने दोनों देशों के लोगों के बेहतर भविष्य के लिए साथ मिलकर काम जारी रखने की उम्मीद जताई।
2022 में बनी थीं इटली की पहली महिला PM
जॉर्जिया मेलोनी ने 22 अक्टूबर 2022 को इटली की प्रधानमंत्री के रूप में पद संभाला था। वह देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। मेलोनी दक्षिणपंथी और कंजरवेटिव पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ (FdI) की प्रमुख हैं। उनकी सरकार तीन दक्षिणपंथी पार्टियों के गठबंधन के साथ सत्ता में है। इटली की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए उनका लगातार इतने लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहना खास माना जा रहा है।
इटली में सरकारों का औसत कार्यकाल करीब 13 महीने
मेलोनी के रिकॉर्ड की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि इटली का राजनीतिक इतिहास सरकारों के बार-बार बदलने का रहा है। 1946 में गणराज्य बनने के बाद से इटली में करीब 68 सरकारें बन चुकी हैं। इनका औसत कार्यकाल लगभग 13 महीने रहा है। ऐसे राजनीतिक माहौल में मेलोनी की सरकार का करीब चार साल तक टिके रहना उनके गठबंधन की स्थिरता को दर्शाता है।
रिकॉर्ड के जश्न में जुटेंगे हजारों समर्थक
मेलोनी की पार्टी ने सरकार के लंबे कार्यकाल को सेलिब्रेट करने के लिए दक्षिणी शहर बारी में बड़ी रैली का आयोजन किया। कार्यक्रम में मेलोनी के भाषण देने की उम्मीद है और हजारों समर्थकों के शामिल होने की तैयारी है। पार्टी की ओर से समर्थकों को कार्यक्रम तक लाने के लिए करीब 80 बसों की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि विपक्ष और आलोचक इसे सरकार की उपलब्धि से ज्यादा राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं। 2027 के चुनाव से पहले यह आयोजन पार्टी के लिए शक्ति प्रदर्शन का मौका भी माना जा रहा है।
जब मोदी के रिकॉर्ड पर मेलोनी ने दी थी बधाई
भारत और इटली के दोनों नेताओं के बीच बधाई का यह सिलसिला नया नहीं है। जून 2026 में नरेंद्र मोदी के लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पार करने के मौके पर जॉर्जिया मेलोनी ने भी उन्हें बधाई दी थी। मेलोनी ने तब सोशल मीडिया पर मोदी की इस उपलब्धि की सराहना की थी। अब इटली में अपने रिकॉर्ड कार्यकाल के बाद उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की ओर से बधाई मिली है।
‘Melodi’ कनेक्शन भी रहा है चर्चा में
मोदी और मेलोनी की दोस्ती को लेकर सोशल मीडिया पर #Melodi भी काफी चर्चित रहा है। मई 2026 में प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे के दौरान उन्होंने मेलोनी को भारतीय ब्रांड की ‘मेलोडी’ टॉफी का पैकेट उपहार में दिया था। इसके बाद मेलोनी ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर इसके लिए मोदी को धन्यवाद दिया था। दोनों नेताओं की साथ की तस्वीरों और वीडियो के कारण सोशल मीडिया पर ‘Melodi’ नाम से चर्चाएं भी खूब हुईं।
भारत-इटली संबंधों के लिए क्यों अहम है यह दोस्ती?
मोदी ने मेलोनी को बधाई देते हुए जिस भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी का जिक्र किया, वह दोनों देशों के बढ़ते सहयोग की ओर इशारा करता है। व्यापार, रणनीतिक सहयोग और वैश्विक मंचों पर आपसी समन्वय जैसे मुद्दों पर भारत और इटली के रिश्ते लगातार चर्चा में रहे हैं। ऐसे में दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच व्यक्तिगत संवाद को भी द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।