Janmashtami 2026: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आस्था का रंग गहराता जा रहा है। कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा से लेकर प्रयागराज और रुद्रपुर तक मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी है। ब्रज में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है और अब सभी की निगाहें उस खास आधी रात पर टिकी हैं, जब भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। मथुरा में इस बार करीब 75 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में भक्तों के आने को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और मंदिरों में प्रवेश-निकासी को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं।
आधी रात के इंतजार में मथुरा, हर तरफ सुनाई दे रहे कृष्ण नाम के जयकारे
कृष्ण जन्माष्टमी के मुख्य उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण मथुरा का श्रीकृष्ण जन्मस्थान है। यहां रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का विशेष आयोजन होगा। जैसे-जैसे जन्मोत्सव की घड़ी करीब आ रही है, मथुरा और वृंदावन में भक्तों की चहल-पहल बढ़ती जा रही है। मंदिरों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर कृष्ण भक्ति से जुड़ी गतिविधियां नजर आ रही हैं। ‘जय कन्हैया लाल’ और ‘नंद के आनंद भयो’ जैसे जयकारों से ब्रज का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।
75 लाख श्रद्धालुओं की उम्मीद, भीड़ संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
मथुरा में इस बार करीब 75 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्ते तय किए गए हैं। श्रद्धालुओं को गेट नंबर-3 से प्रवेश देने की व्यवस्था बताई गई है, जबकि दर्शन के बाद मुख्य द्वार से बाहर निकलने का इंतजाम रखा गया है। मंदिर परिसर के साथ आसपास के इलाकों में भी पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ की निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की टीमें नजर बनाए हुए हैं। योगी आदित्यनाथ भी पहुंच सकते हैं जन्मस्थान, कान्हा के दरबार में करेंगे दर्शन जन्माष्टमी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा पहुंचने का कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर भगवान कृष्ण के दर्शन और पूजा-अर्चना करने की संभावना है। इसके साथ ही वह प्रदेशवासियों और ब्रजवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं भी देंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।
प्रयागराज में मंदिरों की रौनक बढ़ी, आधी रात को होगी विशेष आरती
मथुरा के अलावा संगम नगरी प्रयागराज में भी जन्माष्टमी का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। शहर के मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है और श्रद्धालु दिनभर धार्मिक आयोजनों में हिस्सा ले रहे हैं। कई मंदिरों में भजन-कीर्तन और विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रात 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्म के साथ विशेष पूजा और आरती की जाएगी। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।
रुद्रपुर में शोभायात्रा ने खींचा लोगों का ध्यान, कृष्ण-राधा की झांकियां बनीं आकर्षण
उत्तराखंड के रुद्रपुर में जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सनातन धर्म सभा के आयोजन में निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। पांच मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण और राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। यात्रा के रास्ते में स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया गया। ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘राधे-राधे’ के जयघोष से पूरा शहर कृष्ण भक्ति में रंगा नजर आया।
शोभायात्रा में शामिल विधायक शिव अरोड़ा का हुआ स्वागत
शोभायात्रा के पांच मंदिर पहुंचने पर विधायक शिव अरोड़ा का पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में नमन करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। आयोजन में सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष महेश बब्बर, महामंत्री विजय जग्गा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
अयोध्या से महंत नृत्य गोपाल दास का संदेश, मथुरा नहीं जा सकेंगे
अयोध्या में श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने भी जन्माष्टमी पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पत्र जारी कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर अपना संदेश साझा किया। स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते वह इस बार जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा नहीं जा सकेंगे। अपने संदेश में उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को लेकर विश्वास जताया।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर फिर सामने आया महंत का रुख
महंत नृत्य गोपाल दास ने अपने संदेश में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के नेतृत्व में साधु-संतों की ओर से कारसेवा को लेकर लिए जाने वाले निर्णय के साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद जताई। महंत नृत्य गोपाल दास श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं।
कृष्ण जन्मोत्सव से पहले सुरक्षा पर फोकस, लाखों श्रद्धालुओं के लिए तैयारियां
जन्माष्टमी के दौरान मथुरा सहित अन्य धार्मिक शहरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संभालने की चुनौती है। मथुरा में विशेष रूप से मंदिर क्षेत्र, प्रमुख मार्गों और प्रवेश-निकासी प्वाइंट पर निगरानी बढ़ाई गई है। वहीं प्रयागराज और रुद्रपुर में भी प्रमुख धार्मिक आयोजनों को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
रात 12 बजे क्या होगा?
जन्माष्टमी के उत्सव का सबसे खास क्षण रात 12 बजे आएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी समय भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है। मंदिरों में इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना, आरती और जन्मोत्सव से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। श्रद्धालु इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।