जबलपुर, 4 सितंबर 2026 | महाकौशल में लगातार बारिश के बीच जबलपुर का रानी अवंतीबाई लोधी सागर यानी बरगी बांध एक बार फिर लबालब होने की स्थिति में पहुंच गया है। मंडला, डिंडोरी और बांध के कैचमेंट क्षेत्र में हुई बारिश के कारण पानी की आवक बढ़ने के बाद बांध प्रशासन ने 13 गेट खोल दिए हैं। गुरुवार दोपहर दर्ज स्थिति के मुताबिक इन गेटों को औसतन 1.96 मीटर तक खोलकर नर्मदा नदी में करीब 3,802 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा था। बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद जबलपुर समेत नर्मदा के डाउनस्ट्रीम घाटों और निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन के मुताबिक घाटों पर नदी का जलस्तर करीब 7 से 8 फीट तक बढ़ सकता है।
दोपहर में खोले गए 8 और गेट, कुल संख्या 13 हुई
बरगी बांध से पहले पांच गेटों के जरिए पानी छोड़ा जा रहा था। कैचमेंट से लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए गुरुवार को आठ और गेट खोल दिए गए, जिसके बाद खुले गेटों की कुल संख्या 13 हो गई।
इसके साथ ही बांध से पानी की निकासी को करीब 1,130 क्यूमेक से बढ़ाकर 3,802 क्यूमेक कर दिया गया। बांध प्रशासन ने साफ किया है कि कैचमेंट से आने वाले पानी के हिसाब से डिस्चार्ज कम या ज्यादा किया जा सकता है।
422.76 मीटर है Full Reservoir Level
गुरुवार दोपहर 12 बजे बरगी बांध का जलस्तर 422.35 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। बांध का Full Reservoir Level यानी पूर्ण जलभराव स्तर 422.76 मीटर है। यानी दर्ज आंकड़े के समय बांध का पानी फुल रिजर्वायर लेवल से केवल 41 सेंटीमीटर नीचे था।
97 प्रतिशत से ज्यादा भर चुका बरगी
जल संसाधन विभाग से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उस समय बांध की उपयोगी जल क्षमता 3,090.50 MCM दर्ज की गई और जलभराव करीब 97.18 प्रतिशत था।
कैचमेंट क्षेत्र से बांध में करीब 4,215 क्यूमेक पानी की आवक बनी हुई थी। यानी उस समय जितना पानी छोड़ा जा रहा था, उससे ज्यादा पानी बांध में आ रहा था। यही कारण है कि प्रशासन लगातार इनफ्लो और आउटफ्लो पर नजर रख रहा है।
नर्मदा घाटों पर 7 से 8 फीट बढ़ सकता है पानी
13 गेटों से 3,802 क्यूमेक पानी छोड़े जाने का सीधा असर डाउनस्ट्रीम नर्मदा पर पड़ेगा। बांध प्रशासन के मुताबिक जबलपुर और आगे के घाटों पर जलस्तर में करीब 7 से 8 फीट की बढ़ोतरी हो सकती है। इस वजह से गौरीघाट, तिलवारा और नर्मदा किनारे के दूसरे संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
घाटों पर जाने से बचें, प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से नर्मदा नदी के किनारे, घाट और निचले हिस्सों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। खास तौर पर श्रद्धालुओं, मछुआरों, पर्यटकों और नदी किनारे रहने वाले परिवारों को अचानक बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है। बांध से छोड़ा गया पानी कुछ समय बाद अलग-अलग घाटों तक पहुंचता है, इसलिए उस समय नदी सामान्य दिखने पर भी किनारे उतरना जोखिम भरा हो सकता है।
मंडला-डिंडोरी में आगे भी बारिश के आसार
IMD भोपाल के ताजा जिला-वार पूर्वानुमान में मंडला और डिंडोरी में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बताई गई है। गरज-चमक, बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली झोंकेदार हवा का भी पूर्वानुमान है। ऐसे में बरगी के कैचमेंट में नई बारिश होने पर बांध में पानी की आवक दोबारा बढ़ सकती है।
डिस्चार्ज कभी भी बदल सकता है
बरगी बांध के गेटों की संख्या और पानी छोड़ने की मात्रा स्थायी नहीं होती। इनफ्लो, जलस्तर और मौसम की स्थिति के आधार पर इसे घटाया या बढ़ाया जा सकता है। यही वजह है कि नर्मदा किनारे रहने वाले लोगों को केवल सुबह या पिछले दिन की जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय प्रशासन के ताजा अलर्ट पर नजर रखने की जरूरत है।
बारिश में नर्मदा किनारे ये गलती न करें
तेज बहाव के दौरान नदी में स्नान, नाव चलाने या पानी के पास सेल्फी लेने से बचें। डूबे हुए रपटे या पुल को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
निचले इलाके में रहने वाले लोग जरूरी दस्तावेज, दवाइयां और जरूरी सामान सुरक्षित रखें। प्रशासन की ओर से क्षेत्र खाली करने का निर्देश मिले तो तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।