मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026 को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। परीक्षा 7 से 12 सितंबर 2026 तक आयोजित होगी और इस बार अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र पर प्रवेश की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त और तकनीकी निगरानी वाली होगी। नई व्यवस्था के तहत उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक उपस्थिति, सीसीटीवी निगरानी और फ्रिस्किंग जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं।
7 सितंबर से शुरू होगी MPPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा
राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2026 का आयोजन 7 सितंबर से 12 सितंबर तक किया जाएगा। परीक्षा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक सत्र में होगी। परीक्षा प्रदेश के 12 संभागीय एवं जिला मुख्यालयों पर ऑफलाइन माध्यम से आयोजित की जा रही है। छिंदवाड़ा में परीक्षा केंद्र राजमाता सिंधिया गर्ल्स कॉलेज को बनाया गया है, जहां कुल 50 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
90 मिनट पहले पहुंचने का क्यों दिया गया निर्देश?
MPPSC ने इस बार परीक्षा की प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया है। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए केंद्रों पर कई स्तर की निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इस दौरान उनकी पहचान और उपस्थिति से जुड़ी निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। ऐसे में परीक्षार्थियों के लिए सलाह है कि वे अंतिम समय में केंद्र पहुंचने के बजाय पर्याप्त समय लेकर परीक्षा स्थल पर पहुंचें, ताकि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
बायोमेट्रिक से दर्ज होगी हाजिरी, CCTV से होगी निगरानी
इस बार परीक्षा केंद्रों पर CCTV सर्विलांस, बायोमेट्रिक, फ्रिस्किंग और VOIP जैसी व्यवस्थाओं को अनिवार्य किया गया है। बायोमेट्रिक के जरिए अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी, जबकि CCTV निगरानी से परीक्षा केंद्र की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
छिंदवाड़ा में 50 अभ्यर्थी होंगे शामिल
छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय पर राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के लिए राजमाता सिंधिया गर्ल्स कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यहां 50 परीक्षार्थी मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए आयोग की ओर से उच्च न्यायिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी एनसी नागराज को संभागीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने केंद्राध्यक्ष को परीक्षा केंद्र पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
किसी भी समस्या के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम
परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की समस्या के त्वरित समाधान के लिए कलेक्टर कार्यालय के नगर दंडाधिकारी कक्ष क्रमांक-28 में परीक्षा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम में डिप्टी कलेक्टर रमेश कुमार मेहरा को प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ दो कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। यह टीम प्रतिदिन सुबह 8 बजे से परीक्षा कार्य समाप्त होने तक मौजूद रहेगी और परीक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या का आयोग के निर्देशों के अनुसार निराकरण सुनिश्चित करेगी।
हर परीक्षा के बाद आयोग को भेजी जाएगी उपस्थिति की जानकारी
परीक्षा के प्रत्येक सत्र के समाप्त होने के बाद केंद्राध्यक्ष से परीक्षार्थियों की उपस्थिति की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद यह जानकारी आयोग को भेजी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
अभ्यर्थियों के लिए सबसे जरूरी बात
MPPSC मुख्य परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा की तारीख और समय के साथ-साथ नई प्रवेश व्यवस्था का भी ध्यान रखना होगा।
परीक्षा का समय: सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक
परीक्षा अवधि: 7 से 12 सितंबर 2026
प्रवेश: परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले
उपस्थिति: बायोमेट्रिक
निगरानी: CCTV सर्विलांस
परीक्षा माध्यम: ऑफलाइन
इस बार तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा सख्त होने के कारण अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना बेहद जरूरी होगा।
निष्पक्ष परीक्षा कराने पर प्रशासन का फोकस
MPPSC और जिला प्रशासन का फोकस परीक्षा को बिना किसी व्यवधान के निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से पूरा कराने पर है। नई प्रवेश व्यवस्था इसी दिशा में लागू की गई है। अब 7 सितंबर से शुरू होने वाली मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों को न केवल अपनी तैयारी पर ध्यान देना होगा, बल्कि परीक्षा केंद्र पर लागू नई प्रक्रिया का भी पालन करना होगा।