नई दिल्ली/अजमेर: लोकप्रिय इंस्टेंट नूडल ब्रांड Wai Wai की निर्माता कंपनी CG Foods India Pvt Ltd के राजस्थान स्थित प्लांट पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ी कार्रवाई की है। अजमेर के रूपनगढ़ स्थित निर्माण इकाई के निरीक्षण के दौरान नियामक को कई खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी खामियां मिलीं। FSSAI के मुताबिक, यूनिट में फर्श पर एकत्र किए गए टूटे नूडल्स को बिना हीट ट्रीटमेंट के दोबारा प्रोसेस कर भुजिया उत्पादों में इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा प्री-डेटेड पैकेजिंग और बिना आवश्यक लाइसेंस के कुछ भुजिया उत्पादों के निर्माण की बात भी सामने आई। कार्रवाई के दौरान 32,107.2 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया गया और 1,925 बॉक्स एक्सपायर्ड तैयार उत्पादों को भी हिरासत में लिया गया।
रूपनगढ़ प्लांट में FSSAI का औचक निरीक्षण
FSSAI ने खाद्य निर्माण और हाइजीन नियमों के अनुपालन की जांच के लिए अजमेर के रूपनगढ़ स्थित CG Foods India के प्लांट का निरीक्षण किया। जांच में नियामक ने उत्पादन प्रक्रिया और स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां दर्ज कीं।सबसे गंभीर आपत्ति उस प्रक्रिया को लेकर थी, जिसमें फर्श पर गिरे और टूटे हुए नूडल्स को इकट्ठा करके भुजिया उत्पादों में दोबारा इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। FSSAI के अनुसार, इस सामग्री को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले आवश्यक हीट ट्रीटमेंट नहीं किया जा रहा था।
32,107 किलो से ज्यादा स्टॉक जब्त
निरीक्षण के दौरान FSSAI की टीम ने मौके से 32,107.2 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया। इसमें खुले और टूटे हुए नूडल्स भी शामिल थे। इसके साथ ही प्लांट में 1,925 बॉक्स एक्सपायर्ड तैयार उत्पाद भी मिले, जिन्हें अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया। FSSAI ने उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े अलग-अलग नमूने भी आगे की प्रयोगशाला जांच के लिए लिए हैं।
पैकेजिंग तारीख को लेकर भी मिली गड़बड़ी
FSSAI ने निरीक्षण के दौरान प्री-डेटेड पैकेजिंग के इस्तेमाल की बात भी कही है। इसका मतलब है कि पैकेज पर ऐसी तारीखें इस्तेमाल की जा रही थीं जो वास्तविक उत्पादन प्रक्रिया से संबंधित नहीं थीं।नियामक ने इसे भी खाद्य सुरक्षा अनुपालन से जुड़ा गंभीर मामला माना है और आगे की कार्रवाई के लिए निरीक्षण के निष्कर्षों तथा लैब रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा।
‘Wai-Wai MaMa’ और ‘Mama Punte’ के निर्माण पर सवाल
FSSAI के अनुसार, निरीक्षण में ‘Wai-Wai MaMa’ और ‘Wai-Wai Mama Punte’ नाम वाले भुजिया वेरिएंट्स के निर्माण के लिए आवश्यक लाइसेंस से जुड़ी गंभीर कमी मिली। नियामक ने इसे Food Safety and Standards Act, 2006 की धारा 31(1) के उल्लंघन के रूप में दर्ज किया है। FSSAI के मुताबिक, संबंधित उत्पादों का निर्माण आवश्यक स्वीकृतियों के बिना किया जा रहा था।
पेस्ट कंट्रोल और हाइजीन रिकॉर्ड में भी खामियां
मामला केवल उत्पादन प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहा। निरीक्षण के दौरान पेस्ट-कंट्रोल रिकॉर्ड और खाद्य स्वच्छता से जुड़े दस्तावेजों में भी कमियां पाई गईं। FSSAI ने विभिन्न उत्पादों और उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े नमूने प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए भेजे हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।
Veg Bhujia Namkeen का उत्पादन रोकने का आदेश
इन खामियों के सामने आने के बाद FSSAI ने CG Foods India को Veg Bhujia Namkeen उत्पादों का उत्पादन बंद करने का निर्देश दिया है। नियामक ने कहा है कि आवश्यक मंजूरियों और सुधारात्मक उपायों के बिना इन उत्पादों का उत्पादन जारी नहीं किया जाना चाहिए। FSSAI ने कंपनी के Food Business Operator (FBO) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू करने की जानकारी दी है। प्रयोगशाला जांच और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या Wai Wai नूडल्स पर भी रोक लगी है?
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। FSSAI की मौजूदा कार्रवाई Veg Bhujia Namkeen उत्पादों के उत्पादन से संबंधित है। उपलब्ध रिपोर्टों में पूरे Wai Wai नूडल्स ब्रांड के उत्पादन या बिक्री पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाए जाने की बात नहीं कही गई है। इसलिए इस कार्रवाई को फिलहाल पूरे Wai Wai ब्रांड पर प्रतिबंध के तौर पर देखना सही नहीं होगा। CG Foods India, नेपाल के उद्योगपति बिनोद चौधरी के नेतृत्व वाले CG Corp Global समूह से जुड़ी कंपनी है, जिसके प्रमुख उत्पादों में Wai Wai नूडल्स शामिल हैं।
लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि जब्त सामग्री और लिए गए नमूनों की जांच के बाद कार्रवाई का अगला चरण तय किया जाएगा। यानी अभी सामने आए निष्कर्ष निरीक्षण के दौरान पाए गए कथित उल्लंघनों पर आधारित हैं; अंतिम नियामकीय कार्रवाई जांच और लैब रिपोर्ट के परिणामों पर निर्भर करेगी। इस मामले ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर खाद्य उत्पादन इकाइयों में स्वच्छता, लाइसेंसिंग, पैकेजिंग और कच्चे माल के पुन: उपयोग की निगरानी की जरूरत को सामने ला दिया है।