भोपाल, 5 सितंबर 2026 | भोपाल में आवासीय इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का विरोध अब और तेज होने जा रहा है। सोमवार, 7 सितंबर को होशंगाबाद रोड क्षेत्र के व्यापारी बाजार बंद रखेंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे वृंदावन ढाबा के पास एकत्र होकर बागसेवनिया थाने तक रैली निकालने की तैयारी है। व्यापारियों की मुख्य मांग है कि नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और शहर में लंबे समय से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
दानिश नगर से समरधा तक दुकानें बंद रखने की तैयारी
होशंगाबाद रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजवीर सिंह के मुताबिक होशंगाबाद रोड, दानिश नगर और 11 मील से समरधा तक बड़ी संख्या में कारोबारी बंद में शामिल होंगे। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से चल रहे कारोबार को अचानक बंद कराने से हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। संगठन नगर निगम की कार्रवाई रोकने के साथ land use और Master Plan से जुड़ा स्थायी समाधान चाहता है।
सुबह 11 बजे निकलेगी रैली
7 सितंबर को व्यापारी सुबह करीब 11 बजे वृंदावन ढाबा के पास जमा होंगे। वहां से बागसेवनिया थाने तक रैली निकालने की योजना है। रैली के दौरान व्यापारी सीलिंग कार्रवाई के विरोध में अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखेंगे। बंद और प्रदर्शन को देखते हुए होशंगाबाद रोड के कुछ हिस्सों में व्यापारिक गतिविधियां और यातायात प्रभावित हो सकता है।
भोपाल व्यापारी महासंघ ने भी दिया समर्थन
इस आंदोलन को भोपाल व्यापारी महासंघ का भी समर्थन मिला है। महासंघ के अध्यक्ष आनंद सोनी पहले भी सीलिंग अभियान के विरोध में व्यापारियों के साथ प्रदर्शन कर चुके हैं। 1 सितंबर को शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए व्यापारियों ने कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया था और राहत नहीं मिलने पर शहरव्यापी बंद तक की चेतावनी दी थी।
फिलहाल रुकी हुई है सीलिंग की रफ्तार
इधर नगर निगम की मैदानी सीलिंग कार्रवाई पिछले कुछ दिनों से धीमी है। 3 सितंबर को नगर निगम ने कोई नई सीलिंग नहीं की थी। अधिकारी सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई से पहले कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेज तैयार करने में जुटे हैं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक कई दिनों से नए नोटिस जारी नहीं हुए हैं और पंचनामा कार्रवाई में भी फिलहाल ठहराव आया है।
तीन दिनों में 190 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
31 अगस्त से शुरू हुई कार्रवाई के पहले तीन दिनों में नगर निगम ने कुल 190 प्रतिष्ठानों की व्यावसायिक गतिविधियां बंद या सील करने का दावा किया है। इनमें 31 अगस्त को 109, 1 सितंबर को 61 और 2 सितंबर को 20 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई दर्ज की गई। 3 सितंबर को अभियान रोक दिया गया था। हालांकि कुछ जगहों पर व्यापारी संगठनों और स्थानीय लोगों ने कार्रवाई में समानता को लेकर सवाल भी उठाए हैं।
नोटिस की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े
ताजा स्थानीय रिपोर्ट में अब तक 8,084 नोटिस जारी होने और 275 कारोबारियों को अंतिम नोटिस दिए जाने का दावा है। वहीं नगर निगम के कार्रवाई रिकॉर्ड से जुड़ी अन्य हालिया रिपोर्टों में 8,264 नोटिस का आंकड़ा सामने आया है। इसलिए नोटिस की संख्या को अंतिम आधिकारिक BMC रिकॉर्ड से मिलाकर प्रकाशित करना बेहतर होगा।
62 हजार से ज्यादा व्यावसायिक गतिविधियों का मामला
नगर निगम रिकॉर्ड से जुड़ी रिपोर्टों में भोपाल में आवासीय क्षेत्रों से संचालित या land-use scrutiny के दायरे में आने वाली व्यावसायिक गतिविधियों की संख्या 62 हजार से अधिक बताई गई है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि ये सभी प्रतिष्ठान स्वतः अवैध घोषित हो चुके हैं। किसी भी संपत्ति पर कार्रवाई उसके land use, अनुमति और लागू नियमों के आधार पर तय होगी।
15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सीलिंग विवाद का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव 15 सितंबर है, जब मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। नगर निगम को अदालत के सामने अब तक की कार्रवाई का रिकॉर्ड प्रस्तुत करना है। राज्य सरकार और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी इस संबंध में कानूनी तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में 7 सितंबर का व्यापारी बंद इस सुनवाई से पहले शहर में सीलिंग विवाद को एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में ला सकता है।
व्यापारियों की मांग- स्थायी समाधान निकाले सरकार
व्यापारी संगठनों की मांग है कि सिर्फ दुकानों को बंद कराने के बजाय सरकार लंबे समय से अटके भोपाल Master Plan और mixed land use जैसे विकल्पों पर फैसला करे। व्यापारियों का तर्क है कि शहर के कई आवासीय क्षेत्रों में वर्षों से कारोबार चल रहा है, इसलिए अचानक व्यापक कार्रवाई से रोजगार और व्यापार दोनों प्रभावित होंगे। वहीं नगर निगम का कहना है कि उसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करना है।