रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल जारी हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए अगले सात दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक 4 से 10 सितंबर 2026 तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 4 से 8 सितंबर के बीच एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कई इलाकों में जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान मौसमी सब-डिविजनल बारिश सामान्य रही और सामान्य से करीब 2 प्रतिशत का अंतर दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
5 से 8 सितंबर तक वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश के साथ कुछ दिनों में बिजली गिरने की भी आशंका है।
- 5 सितंबर: कुछ स्थानों पर बारिश और एक-दो जगह वज्रपात की संभावना।
- 6 सितंबर: हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर बिजली गिर सकती है।
- 7 सितंबर: कुछ स्थानों पर बारिश और एक-दो जगह वज्रपात का अनुमान।
- 8 सितंबर: अनेक स्थानों पर बारिश और एक-दो जगह वज्रपात की संभावना।
- 9-10 सितंबर: कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश, हालांकि कोई विशेष चेतावनी नहीं।
रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में 4 सितंबर को आसमान सामान्यतः मेघमय रहने का अनुमान है। इस दौरान एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
अगले 48 घंटे में बढ़ सकता है तापमान
बारिश के बीच प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। 4 सितंबर को छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रारोड में रहा।
बिजली चमकने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
मौसम विभाग ने वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। गरज-चमक या बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और संभव हो तो घर के अंदर या किसी सुरक्षित पक्के भवन में रहें।
पेड़ के नीचे खड़े होने, बिजली के खंभों और लाइनों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और बिजली से चलने वाले उपकरणों के इस्तेमाल में भी सावधानी बरतनी चाहिए। कृषि मंडियों और खुले स्थानों पर रखे कृषि उत्पादों को भी बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
10 सितंबर तक बना रहेगा बारिश का असर
फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। 4 से 10 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। वहीं 4 से 8 सितंबर के बीच वज्रपात का खतरा बना रहेगा। 9 और 10 सितंबर को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, हालांकि इन दो दिनों के लिए मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।