मुंबई - ‘मिर्जापुर’ की दुनिया में रिश्ते जितने उलझे हुए हैं, दुश्मनी उससे कहीं ज्यादा खतरनाक है। यहां किसी चेहरे की मुस्कान के पीछे साजिश छिपी हो सकती है और किसी रिश्ते की कहानी अचानक बदले की वजह बन सकती है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ में भी एक ऐसा ही किरदार कहानी में एंट्री करता है, जो शुरुआत में तो बब्बन यादव का वफादार नजर आता है, लेकिन आगे चलकर उसके अतीत का कनेक्शन कालीन भैया और बीना भाभी से जुड़ता है। यह किरदार है बिरजू लोहार, जिसे मोहित मलिक ने निभाया है।

कौन है बिरजू लोहार?
फिल्म में मोहित मलिक का बिरजू लोहार वाला किरदार बब्बन यादव के खास और भरोसेमंद लोगों में शामिल है। वह हिंसक तेवर वाला शख्स है और बब्बन के इशारे पर लोगों पर हमला करने से पीछे नहीं हटता। लेकिन बिरजू को सिर्फ एक गुर्गे के तौर पर देखना कहानी की सबसे बड़ी गलती होगी। जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, उसके किरदार की असली परतें सामने आने लगती हैं। उसकी वफादारी के साथ प्यार, महत्वाकांक्षा और पुराने हिसाब-किताब की कहानी भी जुड़ी हुई है।

कालीन भैया से क्यों है पुरानी दुश्मनी?
कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट बिरजू और कालीन भैया के पुराने रिश्ते से जुड़ा है। बिरजू की दुश्मनी की जड़ बीना भाभी तक पहुंचती है। फिल्म के मुताबिक, बिरजू कभी बीना का प्रेमी था। हालात ऐसे बने कि बीना की शादी कालीन भैया से हो गई। कालीन भैया के रसूख और खौफ के चलते बिरजू को बीना से दूर होना पड़ा। लेकिन बीना से अलग होने के बाद भी उसके मन में यह रिश्ता खत्म नहीं हुआ। यही अधूरी मोहब्बत धीरे-धीरे उसके अंदर बदले की आग में बदलती चली गई।

बीना से दोबारा मिलना बना बड़ा मोड़
बिरजू के लिए कहानी उस समय नया मोड़ लेती है, जब उसे एक बार फिर बीना का साथ मिलता है। पुराने रिश्ते और अधूरे प्यार के बीच बिरजू के मन में कालीन भैया से बदला लेने की चाह और मजबूत होती जाती है। यहीं से फिल्म की कहानी में रिश्तों और साजिशों का खेल और पेचीदा हो जाता है। दर्शकों को लगता है कि बब्बन यादव ही कालीन भैया के खिलाफ सबसे बड़ा खतरा है, लेकिन कहानी आगे बढ़ने के साथ असली तस्वीर बदलती नजर आती है।

असली खेल बिरजू और बीना का?
फिल्म के आगे बढ़ने पर यह संकेत मिलता है कि कहानी का असली खेल सिर्फ बब्बन यादव और कालीन भैया के बीच नहीं है। बिरजू और बीना के बीच भी एक अलग तरह की रणनीति चल रही है। जिस रिश्ते की शुरुआत कभी प्यार से हुई थी, उसमें अब बदला, भरोसा और धोखे की परतें जुड़ चुकी हैं। बिरजू जहां बीना के लिए पुरानी भावनाओं को अपने भीतर जिंदा रखता है, वहीं आखिरकार उसे बीना से धोखे का सामना भी करना पड़ता है।
मोहित मलिक ने किरदार में भरी जान
बिरजू लोहार का किरदार मोहित मलिक के लिए भी अलग तरह की चुनौती नजर आता है। उन्होंने किरदार के दबंग और हिंसक अंदाज के साथ-साथ उसके भावनात्मक पक्ष को भी उभारने की कोशिश की है।
किरदार की सबसे खास बात यही है कि वह एक ही रंग में नहीं दिखाई देता। शुरुआत में वह बब्बन का वफादार आदमी लगता है, फिर एक खतरनाक दुश्मन के तौर पर सामने आता है और अंत तक उसकी कहानी प्यार, बदले और धोखे के बीच उलझ जाती है।
यही वजह है कि ‘मिर्जापुर द मूवी’ में बिरजू लोहार की एंट्री सिर्फ एक नए किरदार की शुरुआत नहीं, बल्कि कालीन भैया और बीना भाभी के अतीत से जुड़े एक पुराने राज के खुलने की कहानी भी बन जाती है।