राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने अब चुनावी मैदान में प्रत्याशियों के साथ-साथ शहरी मुद्दों और स्थानीय विकास के एजेंडे को भी केंद्र में लाने की तैयारी कर ली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को पीसीसी वॉररूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और पार्टी का ‘शहरी संकल्प’ पत्र जारी किया। कांग्रेस ने दावा किया है कि अगर निकायों में उसकी सत्ता बनती है तो पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान लागू की गई 500 रुपए में मकान का पट्टा देने की व्यवस्था दोबारा शुरू की जाएगी। इसके साथ ही सफाईकर्मियों की भर्ती, मुफ्त घर-घर कचरा संग्रहण, सीवरेज-ड्रेनेज व्यवस्था और निकायों के कामकाज में ऑनलाइन पारदर्शिता जैसे मुद्दों को भी चुनावी वादों में शामिल किया गया है।
500 रुपये वाला पट्टा बना कांग्रेस के चुनावी एजेंडे का सबसे बड़ा वादा
कांग्रेस के ‘शहरी संकल्प’ पत्र में मकान के पट्टे को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। डोटासरा के मुताबिक सत्ता में आने पर अभियान चलाकर 500 रुपए में मकान के पट्टे बांटने की व्यवस्था फिर शुरू की जाएगी। इसके साथ ही कच्ची बस्तियों के नियमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का भी वादा किया गया है। ऐसे में कांग्रेस ने सीधे तौर पर शहरों में रहने वाले उन परिवारों को साधने की कोशिश की है, जिनके पास अपने मकान से जुड़े दस्तावेज या पट्टे की समस्या है।
सफाई से लेकर सीवरेज तक, शहरों की बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
कांग्रेस ने अपने संकल्प पत्र में शहरी निकायों की रोजमर्रा की समस्याओं को भी प्रमुखता दी है। पार्टी के अनुसार सत्ता में आने पर लंबित सफाईकर्मी भर्ती पूरी की जाएगी और निकायों की जरूरत के हिसाब से हर साल भर्ती की जाएगी। घर-घर कचरा संग्रहण को मुफ्त करने और इसकी रोजाना निगरानी का भी वादा किया गया है। इसके अलावा जरूरत वाले इलाकों में नई सीवरेज लाइन, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP बनाने की बात कही गई है।
यूडी टैक्स पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान
शहरी निकायों से जुड़े यूडी टैक्स को लेकर भी कांग्रेस ने अपना रुख साफ किया है। पार्टी ने सत्ता में आने पर इसकी समीक्षा करने और इसे जनहित के हिसाब से तर्कसंगत बनाने का वादा किया है। कांग्रेस का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में टैक्स व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
हर शहर का मास्टर प्लान जनता की राय से बनाने का वादा
कांग्रेस के शहरी संकल्प पत्र में शहरों की प्लानिंग को लेकर भी खास घोषणा की गई है। पार्टी ने कहा है कि जिन शहरों में अभी मास्टर प्लान नहीं है, वहां जनता के सुझावों को शामिल करते हुए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इसके अलावा शहरों में जरूरत के अनुसार बड़े बुनियादी ढांचे के कामों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
स्ट्रीट लाइट और LED व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
कांग्रेस ने शहरी इलाकों में स्ट्रीट लाइट और एलईडी व्यवस्था को बेहतर करने का भी वादा किया है। पार्टी के मुताबिक खराब या अपर्याप्त रोशनी वाले क्षेत्रों में व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके साथ ही निकायों के विकास कार्यों और उनकी प्रगति को आम जनता के सामने ऑनलाइन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है।
वेबसाइट पर दिखेगा विकास कार्यों का पूरा हिसाब?
कांग्रेस ने निकायों में ऑनलाइन पारदर्शिता बढ़ाने का वादा करते हुए कहा है कि विकास कार्यों, उनकी प्रगति और आम लोगों की ओर से किए गए आवेदनों की स्थिति को वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। यानी पार्टी के प्रस्ताव के मुताबिक नागरिक अपने आवेदन और शहर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे।
डोटासरा ने चुनावी प्रक्रिया और आरक्षण को लेकर सरकार पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंद सिंह डोटासरा ने निकाय चुनाव में देरी, परिसीमन और आरक्षण को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट के आदेश और अवमानना की कार्रवाई के बाद सरकार को निकाय चुनाव कराने पड़े। डोटासरा ने परिसीमन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ जगहों पर करीब 10 हजार तो कहीं 30 हजार तक की आबादी वाले वार्ड बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहली बार नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका की आरक्षण लॉटरी एक साथ निकाली गई। उनके मुताबिक 10 नगर निगमों में किसी भी महापौर पद को एससी-एसटी के लिए आरक्षित नहीं किया गया, जबकि केवल एक महापौर पद ओबीसी के लिए आरक्षित होने का दावा किया गया।
जयपुर की समस्याओं को लेकर भाजपा पर कांग्रेस का हमला
राजधानी जयपुर को लेकर भी डोटासरा ने सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, ट्रैफिक जाम, कचरे और आवारा पशुओं जैसी समस्याओं का उल्लेख किया। उनका आरोप था कि लंबे समय तक जयपुर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड रहने के बावजूद शहर की कई बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने स्टेच्यू सर्कल जैसे प्रमुख स्थानों पर रात में LED लाइटें नहीं जलने का भी मुद्दा उठाया। डोटासरा ने 23 हजार पदों पर भर्ती की घोषणा के बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं होने और जयपुर मेट्रो की नई डीपीआर के कारण खर्च बढ़ने के साथ संचालन प्रभावित होने का भी आरोप लगाया।
टिकट बंटवारे में युवा, महिला और सामाजिक समीकरण का दावा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के टिकट वितरण को लेकर भी आंकड़े सामने रखे। उनके मुताबिक कांग्रेस ने 40 वर्ष से कम उम्र के 49.33 प्रतिशत, OBC के 48.15 प्रतिशत, SC के 21.81 प्रतिशत, ST के 5.23 प्रतिशत और महिलाओं के 35.90 प्रतिशत उम्मीदवारों को टिकट दिया है। डोटासरा ने इसे युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच संतुलन बनाने की पार्टी की रणनीति बताया।
कांग्रेस के ‘शहरी संकल्प’ में क्या-क्या वादे?
कांग्रेस की ओर से जारी संकल्प पत्र में शहरी मतदाताओं के लिए कई घोषणाएं की गई हैं:
500 रुपए में मकान का पट्टा: अभियान चलाकर पट्टे बांटने और कच्ची बस्तियों के नियमन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का वादा।
यूडी टैक्स: समीक्षा कर इसे जनहित के अनुरूप तर्कसंगत बनाने की बात।
सफाईकर्मी भर्ती: लंबित भर्ती पूरी करने और जरूरत के अनुसार हर साल भर्ती करने का दावा।
मुफ्त कचरा संग्रहण: घर-घर नि:शुल्क कचरा संग्रहण और रोजाना निगरानी।
सीवरेज-ड्रेनेज: जरूरत वाले क्षेत्रों में सीवरेज लाइन, जल निकासी व्यवस्था और STP निर्माण।
मास्टर प्लान: बिना मास्टर प्लान वाले शहरों में जनता की राय से प्लान तैयार करने का वादा।
स्ट्रीट लाइट: स्ट्रीट लाइट और LED व्यवस्था को मजबूत करने की घोषणा।
ऑनलाइन पारदर्शिता: विकास कार्यों, उनकी प्रगति और नागरिकों के आवेदनों की स्थिति वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।
शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर: जरूरत के मुताबिक बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट प्राथमिकता से कराने का वादा।
निकाय चुनाव में अब ‘काम बनाम वादों’ की होगी लड़ाई?
कांग्रेस के ‘शहरी संकल्प’ पत्र के जरिए पार्टी ने चुनावी मुकाबले को स्थानीय मुद्दों से जोड़ने की कोशिश की है। पट्टा, सफाई, कचरा संग्रहण, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट और ऑनलाइन पारदर्शिता जैसे मुद्दे सीधे शहरी मतदाताओं की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े हैं। वहीं, डोटासरा द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोप चुनावी माहौल में भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासी टकराव को और तेज कर सकते हैं। अब देखना होगा कि निकाय चुनाव में जनता स्थानीय समस्याओं, सरकार के कामकाज और कांग्रेस के इन वादों में से किसे ज्यादा महत्व देती है।