हावड़ा: हावड़ा के लिलुआ रेलवे क्वार्टर मैदान में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीन दिवसीय हनुमान कथा का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जिलों में आने का आग्रह
शुभेंदु अधिकारी ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का स्वागत करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल का सनातन समाज लंबे समय से उनकी कथा और विचार सुनने को उत्सुक था। उन्होंने शास्त्री से राज्य के अलग-अलग जिलों में भी धार्मिक कार्यक्रम करने का आग्रह किया।
ब्रिगेड मैदान में 10 लाख लोगों के जुटने का दावा
मुख्यमंत्री ने कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में बड़े स्तर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि करीब 10 लाख लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को भी इसमें आमंत्रित किया जाएगा।

सनातन संस्कृति की रक्षा पर सरकार का जोर
अपने संबोधन में सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं और सनातन धर्म की रक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा पार से आए कुछ लोगों ने राज्य में सनातन धर्म के खिलाफ गतिविधियां की हैं और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आए हैं।
अपराधियों पर कार्रवाई और सीमा सुरक्षा का जिक्र
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने राज्य में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानून के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही। सीमा क्षेत्रों में बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जमीन उपलब्ध कराने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
तीन दिनों तक चलेगी हनुमान कथा
लिलुआ रेलवे क्वार्टर मैदान में आयोजित कथा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। तीन दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

घरों में घुसा बाढ़ का पानी, कई इलाके प्रभावित
दामोदर का पानी सड़क के रास्ते गांवों तक पहुंच रहा है। जयनगर के उत्तरपाड़ा में करीब 25 से 30 मकानों के जलमग्न होने की जानकारी सामने आई है। बाढ़ की चपेट में कच्चे और पक्के, दोनों तरह के मकान आए हैं।
स्वास्थ्य केंद्र और स्कूलों पर भी पड़ा असर
जलभराव के कारण जयनगर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद करना पड़ा है। वहीं प्राथमिक विद्यालय और हाई सेकेंडरी स्कूल भी पानी से प्रभावित हुए हैं। स्कूल परिसर में पानी भरने के कारण शैक्षणिक गतिविधियां बाधित हो गई हैं।
ग्रामीण महिलाओं ने प्रशासन से मांगी मदद
अचानक बाढ़ का पानी गांवों में पहुंचने से कई परिवारों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। प्रभावित क्षेत्र की महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल राहत और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे विधायक अमित सामंत
स्थिति का जायजा लेने अमता विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमित सामंत प्रभावित इलाकों में पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर हालात की जानकारी ली और राहत कार्यों का निरीक्षण किया।
गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को राहत केंद्र पहुंचाया
बाढ़ के बीच संवेदनशील स्थिति में मौजूद गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। उन्हें राहत केंद्रों तक ले जाया गया। विधायक ने प्रभावित लोगों को प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे बसे लोगों की चिंता बढ़ी
दामोदर का पानी बढ़ने के साथ नदी के आसपास रहने वाले लोगों में चिंता का माहौल है। फिलहाल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और उन्हें जरूरी राहत मुहैया कराना प्रशासन के सामने अहम चुनौती बनी हुई है।