पटना। बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। राज्य के 18 जिलों में बाढ़ का पानी फैल चुका है, जिससे 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। पटना में गंगा और पुनपुन नदी का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है। वहीं उत्तर बिहार की कई प्रमुख नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
पुनपुन नदी ने बढ़ाई पटना की चिंता
पुनपुन नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 28 सेंटीमीटर बढ़ा है। श्रीपालपुर में नदी का जलस्तर 53.16 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 50.60 मीटर से करीब 2.57 मीटर ऊपर है। नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने पटना के निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। पुनपुन प्रखंड के कई गांव पानी से घिर गए हैं और ग्रामीणों का सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है।
गंगा सात गेज प्वाइंट पर खतरे के निशान से ऊपर
गंगा भी बिहार में कई स्थानों पर लाल निशान से ऊपर बह रही है। भागलपुर में पिछले 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 46 सेंटीमीटर बढ़ा है। यहां नदी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है।
विभाग के अनुसार इन स्थानों पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर है:
- बक्सर: 19 सेंटीमीटर
- दीघा: 127 सेंटीमीटर
- गांधी घाट: 178 सेंटीमीटर
- हाथीदह: 153 सेंटीमीटर
- मुंगेर: 9 सेंटीमीटर
- भागलपुर: 32 सेंटीमीटर
- कहलगांव: 82 सेंटीमीटर
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और आवागमन के लिए 693 सरकारी नावों का परिचालन शुरू किया गया है।
पुनपुन के साथ दरधा नदी भी उफान पर
पुनपुन की सहायक नदी दरधा भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे पटना के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। वहीं सोन नदी में भी पानी का दबाव बढ़ा है। इंद्रपुरी बराज से शुक्रवार को करीब 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
उत्तर बिहार की प्रमुख नदियां भी लाल निशान के ऊपर
उत्तर बिहार में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियां कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
- कोसी: बलतारा में 124 सेमी और कुरसेला में 80 सेमी ऊपर
- गंडक: डुमरिया में 75 सेमी और हाजीपुर में 9 सेमी ऊपर
- बूढ़ी गंडक: खगड़िया में 111 सेमी ऊपर
- घाघरा: दरौली में 32 सेमी ऊपर
तटबंधों की 24 घंटे निगरानी
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने पटना और भागलपुर में तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। इंजीनियरों को 24 घंटे तटबंधों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। भागलपुर के राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध की निगरानी के लिए पटना मुख्यालय से वरिष्ठ इंजीनियरों की टीम भेजी गई है। वहीं मरम्मत कार्य की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
पुनपुन रिंग बांध में रिसाव के बाद अलर्ट
पुनपुन नदी के रिंग बांध में रिसाव की सूचना के बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों को जरूरी सामग्री और मजदूरों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के अनुसार, पुनपुन और दरधा के बाएं तटबंध पटना शहर की तरफ हैं। यहां रिसाव होने पर शहर के लिए खतरा बढ़ सकता है, जबकि दूसरी तरफ रिसाव होने पर गांवों और फसलों को नुकसान की आशंका रहती है।
इन जिलों में हजारों लोग प्रभावित
बाढ़ के पानी से कई जिलों में बड़ी आबादी प्रभावित हुई है। आंकड़ों के अनुसार:
- अरवल: 32,000
- बक्सर: 10,000
- बेगूसराय: 21,700
- समस्तीपुर: 11,800
- खगड़िया: 85,000
- मुंगेर: 38,000
- कटिहार: 36,000
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी बढ़ा दी गई है। तटबंधों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।