MP Rolling Budget: मध्यप्रदेश में आगामी वर्षों की वित्तीय योजना को लेकर सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पुनरीक्षित अनुमान (Revised Estimates), 2027-28 के बजट अनुमान (Budget Estimates) और 2028-29 व 2029-30 के Rolling Budget को तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संबंध में वित्त विभाग ने बजट चर्चा के पहले चरण के लिए सभी संबंधित विभागों के लिए विभागवार समय-सारणी (Department-wise Timetable-Schedule) जारी कर दी है। इसके साथ ही आने वाले वर्षों में सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और विभागीय जरूरतों को बजट प्रक्रिया में शामिल करने की कवायद शुरू हो गई है।
चार वित्तीय वर्षों की योजना पर एक साथ काम
मध्यप्रदेश सरकार की इस बजट प्रक्रिया में एक साथ अलग-अलग वित्तीय वर्षों को ध्यान में रखा जा रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए जहां पुनरीक्षित अनुमान तैयार किए जाएंगे, वहीं 2027-28 के लिए बजट अनुमान तैयार होगा। इसके अलावा 2028-29 और 2029-30 के लिए Rolling Budget तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य आने वाले वर्षों की वित्तीय जरूरतों और योजनाओं को पहले से ध्यान में रखते हुए बजट की तैयारी करना है।
विभागों के साथ शुरू होगी बजट पर चर्चा
वित्त विभाग की ओर से जारी विभागवार शेड्यूल के अनुसार बजट चर्चा के पहले चरण की प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी। संबंधित विभागों से उनकी योजनाओं, प्रस्तावित खर्च और वित्तीय आवश्यकताओं से जुड़े इनपुट लिए जाएंगे। इस प्रक्रिया के आधार पर सरकार के आगामी बजट की प्राथमिकताओं को आकार देने में मदद मिलेगी।
Revised Estimates और Budget Estimates में क्या अंतर?
Revised Estimates (पुनरीक्षित अनुमान) किसी वित्तीय वर्ष के दौरान पहले से स्वीकृत बजट के मुकाबले संभावित वास्तविक आय-व्यय का संशोधित अनुमान होता है। यानी साल के दौरान परिस्थितियों और खर्च की वास्तविक स्थिति को देखते हुए अनुमान में बदलाव किया जा सकता है। वहीं Budget Estimates (बजट अनुमान) अगले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की अनुमानित आय और प्रस्तावित खर्च का खाका होता है।
Rolling Budget से आगे की वित्तीय योजना पर नजर
Rolling Budget की व्यवस्था में सिर्फ तत्काल आने वाले वित्तीय वर्ष पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय आगे के वर्षों की जरूरतों और वित्तीय संसाधनों का अनुमान भी तैयार किया जाता है। मध्यप्रदेश में 2028-29 और 2029-30 के लिए Rolling Budget की तैयारी इसी व्यापक वित्तीय योजना का हिस्सा है। इससे विभागों को भविष्य की योजनाओं और संभावित वित्तीय जरूरतों को पहले से सामने रखने का अवसर मिलेगा।
विभागवार टाइमटेबल से क्या बदलेगा?
वित्त विभाग द्वारा विभागवार समय-सारणी जारी किए जाने के बाद बजट चर्चा को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। संबंधित विभाग अपने प्रस्ताव और वित्तीय आवश्यकताओं को तय प्रक्रिया के तहत प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद वित्त विभाग इन प्रस्तावों की समीक्षा कर आगामी बजट प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है मध्यप्रदेश का यह बजट प्लान?
एक साथ चार वित्तीय वर्षों को ध्यान में रखकर बजट प्रक्रिया शुरू करने से सरकार को योजनाओं की वित्तीय जरूरतों का पहले से आकलन करने में मदद मिल सकती है। वहीं विभाग भी अपने प्रस्तावों और भविष्य की आवश्यकताओं को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से बजट प्रक्रिया में रख सकेंगे। फिलहाल वित्त विभाग ने बजट चर्चा के पहले चरण का विभागवार शेड्यूल जारी किया है और इसी के साथ आगामी बजट तैयार करने की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।