नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले में चिलिमे जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए नेपाल सेना के साथ भारतीय सुरंग बचाव टीम भी लगातार अभियान चला रही है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीम को शुरुआती सफलता मिली है और सुरंग तक भारी उपकरण पहुंचाने के लिए एक अस्थायी रास्ता तैयार किया गया है।
सुरंग में गहराई तक पहुंची भारतीय टीम
अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग के अंदर पानी जमा होने के कारण बचाव अभियान में लगातार मुश्किलें आ रही थीं। भारतीय सुरंग बचाव टीम ने शुक्रवार को पानी निकालने के लिए सुरंग में और गहराई तक खुदाई की। टीम का प्रयास है कि पानी के स्तर को कम करके सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचा जा सके। रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए सुरंग तक भारी मशीनरी और अन्य जरूरी उपकरण पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है। इसी के तहत एक अस्थायी रास्ता तैयार किया गया है, जिससे बचाव कार्य में इस्तेमाल होने वाले भारी उपकरण प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचाए जा सकें।
नेपाल सेना के साथ मिलकर अभियान चला रही भारतीय टीम
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि भारतीय सुरंग बचाव टीम नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे सुरंग में बचाव अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि टीम ने सुरंग में गहराई तक खुदाई करने के साथ पानी निकालने का काम किया है। इसके अलावा भारतीय टीम के साथ पहुंचे चिकित्सकों ने स्थानीय लोगों के लिए स्वास्थ्य शिविर भी लगाया है। इससे प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्य के साथ चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
26 अगस्त की भयावह बाढ़ से मची थी तबाही
नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई भीषण बाढ़ ने देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी। आपदा के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान गई, जबकि हजारों लोग लापता बताए गए हैं। बाढ़ और भूस्खलन से कई घर, सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा कई पनबिजली परियोजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। ऐसे में इन परियोजना स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश
भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें नेपाल की बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश में मदद कर रही हैं। माना जा रहा है कि आपदा के बाद विभिन्न जलविद्युत परियोजना स्थलों पर कई मजदूर और कर्मचारी सुरंगों के अंदर फंस गए हैं। चिलिमे जलविद्युत परियोजना भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुई है। यहां सुरंगों में पानी और मलबा भरने के कारण बचाव दल के सामने चुनौती बढ़ गई है।
रसुवा में राहत अभियान जारी
चिलिमे जलविद्युत परियोजना स्थल रसुवा जिले के स्याब्रूबेसी गांव के पास स्थित है। यह इलाका 26 अगस्त की अचानक आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ था। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सुरंग में जमा पानी के बीच बचाव दल सावधानी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय टीम द्वारा अस्थायी रास्ता तैयार किए जाने के बाद अब भारी उपकरणों को प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचाने की उम्मीद बढ़ी है। इससे सुरंग के अंदर बचाव अभियान को और तेज करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल नेपाली सेना, भारतीय विशेषज्ञ टीम और अन्य बचाव दल लापता लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।