कोलकाता: पश्चिम बंगाल को साफ-सुथरा बनाने और डेंगू के खतरे पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार की ओर से चलाया गया तीन दिवसीय ‘स्वच्छता संकल्प अभियान’ पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अभियान की जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य के 22 जिलों में बड़े स्तर पर सफाई और मच्छर नियंत्रण अभियान चलाया गया।
1,600 से अधिक वार्डों में सफाई अभियान
मुख्यमंत्री के मुताबिक, शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों के विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान में 22 जिलों की 128 नगरपालिकाओं के 1,600 से ज्यादा वार्डों को शामिल किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई के साथ-साथ डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना रहा।
हजारों नालियों और कचरा स्थलों की सफाई
अभियान के दौरान 6,065 अवरुद्ध नालियों की सफाई की गई। इसके अलावा 1,608 जगहों पर बिखरे कचरे को हटाया गया, जबकि सड़कों के किनारे जमा कचरे वाले 4,511 स्थानों की भी सफाई की गई।
27 हजार से ज्यादा जगहों पर मच्छर के प्रजनन स्थल खत्म करने की कार्रवाई
डेंगू की रोकथाम के लिए अभियान के दौरान 27,378 स्थानों पर मच्छरों के प्रजनन स्थल नष्ट करने की कार्रवाई की गई। प्रशासन की ओर से ऐसे स्थानों को चिन्हित कर सफाई और मच्छर नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया।
स्कूल-कॉलेज से अस्पताल तक चलाया गया अभियान
स्वच्छता अभियान को सिर्फ सड़कों और नालियों तक सीमित नहीं रखा गया। बाजार, हाट, स्कूल-कॉलेज, सरकारी कार्यालय और अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों के परिसरों में भी सफाई अभियान चलाया गया।
इस दौरान 1,106 बाजार और हाट, 1,304 स्कूल एवं कॉलेज परिसर, 544 सरकारी कार्यालय और 315 अस्पताल परिसरों में स्वच्छता अभियान चलाया गया।
35 हजार से ज्यादा IEC सामग्री बांटी गई
स्वच्छता और डेंगू रोकथाम को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए 35,000 से अधिक IEC (Information, Education and Communication) सामग्री वितरित की गई। अभियान में 118 NGO और सिविल सोसाइटी संगठनों ने भी सक्रिय भागीदारी की।
‘सफाई को जनआंदोलन बनाना होगा’: सुवेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि स्वच्छता अभियान का उद्देश्य केवल एक बार सफाई करना नहीं है, बल्कि लोगों को अपने आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने हर मोहल्ले, सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थान को साफ रखने की जिम्मेदारी सामूहिक रूप से उठाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में ‘कचरा-मुक्त पश्चिम बंगाल’ और ‘डेंगू के खिलाफ एकजुट पश्चिम बंगाल’ का संकल्प दोहराते हुए लोगों से स्वच्छता अभियान को व्यापक जनआंदोलन में बदलने की अपील की।
क्या है ‘स्वच्छता संकल्प’ का संदेश?
सरकार का जोर अब केवल सफाई अभियान चलाने पर नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी बढ़ाकर स्वच्छता को रोजमर्रा की आदत बनाने पर है। मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वच्छ और स्वस्थ पश्चिम बंगाल के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया है।