कोलकाता: पश्चिम बंगाल समग्र शिक्षा मिशन ने राज्य के स्कूली विद्यार्थियों के लिए 'एक देश, एक पहचान पत्र' यानी 'अपर आईडी' (APAAR ID) तैयार करने और डेटा पंजीकरण का काम जल्द से जल्द पूरा करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। इस राज्यव्यापी मेगा अभियान को सुचारू रूप से लागू करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, इस प्रक्रिया में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अभिभावकों की लिखित सहमति के बिना किसी भी छात्र का पहचान पत्र नहीं बनाया जाएगा। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यकतानुसार 'पैरेंटल कंसेंट फॉर्म' (अभिभावक सहमति पत्र) छपवाकर प्रत्येक स्कूल तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
दो दिवसीय कार्यशाला में नोडल शिक्षकों और MIS समन्वयकों को प्रशिक्षण
इस अभियान के कुशल संचालन के लिए हाल ही में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में प्रत्येक जिले से एक नोडल शिक्षक और एक एमआईएस (MIS) समन्वयक को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। जिला स्तर पर प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने और समग्र कार्य के क्रियान्वयन की मुख्य जिम्मेदारी इसी संयुक्त टीम पर होगी। राज्य सरकार की ओर से आश्वस्त किया गया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से अंतिम एसओपी (SOP) या दिशा-निर्देश स्वीकृत होते ही उसे तुरंत सभी जिलों में भेज दिया जाएगा।

सोमवार से प्रायोगिक एनरोलमेंट कैंप: प्रतिदिन 50 छात्रों के पंजीकरण का लक्ष्य
कार्यक्रम के शुरुआती चरण के रूप में प्रत्येक जिले के कम से कम दो स्कूलों और दो अलग-अलग कक्षाओं के छात्रों व अभिभावकों (न्यूनतम 60 लोग) को लेकर प्रायोगिक (पायलट) एनरोलमेंट कैंप आयोजित करने के लिए कहा गया है। सोमवार से सर्कल-वार कैंप का काम शुरू हो जाएगा। इन चयनित दो स्कूलों में नोडल शिक्षकों को व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रतिदिन कम से कम 50 विद्यार्थियों के नाम दर्ज करने का लक्ष्य रखा गया है।
10 सितंबर से सभी स्कूलों में एक साथ शुरू होगी प्रक्रिया
निर्देश के अनुसार, आगामी 10 सितंबर से राज्य के सभी स्कूलों में यह पंजीकरण प्रक्रिया एक साथ शुरू की जाएगी। कार्य में पारदर्शिता और निरंतरता बनाए रखने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी दैनिक प्रगति की ऑनलाइन निगरानी करेंगे। स्कूलों द्वारा तैयार की गई प्राथमिक सूची सर्कल स्तर से होते हुए जिला शिक्षा कार्यालय की मेज तक पहुंचेगी।