चंडीगढ़। पंजाब में इस साल H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अब तक राज्य में 1,513 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें 220 लोगों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसी बीच जालंधर में 85 वर्षीय एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसकी H1N1 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल इस मौत को सीधे स्वाइन फ्लू से हुई मौत नहीं माना है। विभाग का कहना है कि मरीज पहले से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, इसलिए मौत की वास्तविक वजह स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही स्पष्ट होगी।
जालंधर में H1N1 पॉजिटिव बुजुर्ग की मौत, विभाग ने रोकी जल्दबाजी में पुष्टि
मृतक की पहचान मूल राज (85) के रूप में हुई है, जो जालंधर के जमशेर खास क्षेत्र के ताजपुर के रहने वाले थे। सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मूल राज का 2 सितंबर को GMC अमृतसर में H1N1 टेस्ट पॉजिटिव आया था। इसके बाद उनका उपचार जारी रहा, लेकिन शुक्रवार को सिविल अस्पताल जालंधर में उनकी मौत हो गई।
पहले से कई बीमारियां थीं, इसलिए मौत की वजह पर जांच जरूरी
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, मृतक को पहले से Chronic Obstructive Pulmonary Disease (COPD) समेत कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर बताई गई है। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सिर्फ H1N1 रिपोर्ट पॉजिटिव आने के आधार पर मौत को स्वाइन फ्लू से हुई मौत घोषित करना उचित नहीं होगा। फिलहाल मामले को ‘संदिग्ध स्वाइन फ्लू मृत्यु’ के तौर पर दर्ज किया गया है।
Health Audit बताएगा H1N1 की कितनी भूमिका थी
अब इस मामले में स्वास्थ्य ऑडिट के जरिए मौत के कारणों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि H1N1 संक्रमण मौत का प्रमुख कारण था या पहले से मौजूद बीमारियों ने स्थिति को गंभीर बनाने में अहम भूमिका निभाई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के मुताबिक, राज्य में H1N1 की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल सामने आए वायरस स्ट्रेन में फिलहाल किसी नए या म्यूटेटेड स्वरूप की पुष्टि नहीं हुई है।
पंजाब में 1,513 लोगों की जांच, 220 निकले H1N1 पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी से अब तक 1,513 संदिग्ध मामलों की जांच की गई है। इनमें 220 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं शुक्रवार को ही राज्य में 14 नए H1N1 मरीजों की पुष्टि हुई। इससे संक्रमण के बढ़ते मामलों पर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और बढ़ गई है।
लुधियाना सबसे आगे, मोहाली में भी तेजी से बढ़े मामले
जिलावार आंकड़ों में लुधियाना 72 मामलों के साथ सबसे ऊपर है। इसके बाद:
एसएएस नगर (मोहाली): 36 मामले
पटियाला: 16 मामले
मोगा: 11 मामले
जालंधर: 10 मामले
रोपड़: 9 मामले
फाजिल्का: 1 मामला
अन्य जिलों में 2 से 8 के बीच मामले
इन आंकड़ों के मुताबिक लुधियाना और एसएएस नगर फिलहाल राज्य के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
अगस्त से क्यों बढ़ने लगे H1N1 के मामले?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पंजाब में अगस्त से H1N1 संक्रमण के मामलों में तेजी देखी गई है। इसके बाद अस्पतालों में निगरानी और जांच व्यवस्था को मजबूत किया गया है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन यूनिट तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करना है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी?
स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करें। बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। खासकर बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों में किसी भी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पंजाब में अब आगे क्या?
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था लगातार सक्रिय है। फिलहाल लुधियाना और मोहाली में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं, जबकि पटियाला, मोगा और जालंधर समेत अन्य जिलों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है। जालंधर के 85 वर्षीय मरीज की मौत को लेकर भी अंतिम निष्कर्ष स्वास्थ्य ऑडिट के बाद ही सामने आएगा। ऐसे में फिलहाल इसे सीधे H1N1 से हुई मौत कहना स्वास्थ्य विभाग की मौजूदा स्थिति के अनुरूप नहीं होगा।