पटना। बिहार में गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और RJD के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए बाढ़ को लेकर तत्काल बड़े स्तर पर राहत और आर्थिक सहायता की मांग की है। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि दियारा क्षेत्र के कई हिस्से पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं और बड़ी संख्या में लोग घरों से निकलकर छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और राज्य के लिए ₹5,000 करोड़ के विशेष वित्तीय सहायता पैकेज की मांग की है।
गंगा का जलस्तर बढ़ा तो दियारा इलाकों में बढ़ी मुश्किल
तेजस्वी यादव के मुताबिक, गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी के कारण दूर-दराज के दियारा क्षेत्रों में हालात बेहद कठिन हो गए हैं। उनका दावा है कि लाखों लोग प्रभावित हैं और कई परिवारों के सामने सुरक्षित जगह पर पहुंचने की चुनौती बनी हुई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में लोग छतों पर मदद का इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार, कई प्रभावित इलाकों में पीने के साफ पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी परेशानी बढ़ गई है।
नाव और राहत शिविर पर्याप्त नहीं होने का आरोप
RJD नेता ने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से पर्याप्त संख्या में नाव और राहत शिविर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। तेजस्वी ने सरकार से मांग की कि राहत व्यवस्था को केवल स्थानीय संसाधनों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि दुर्गम इलाकों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए।
हेलीकॉप्टर से सिर्फ दौरे नहीं, राहत पहुंचाने की मांग
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकारों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने मांग की कि भारतीय वायु सेना की मदद लेकर भोजन, पीने का पानी और जरूरी राहत सामग्री उन इलाकों तक पहुंचाई जाए, जहां सड़क या नाव से पहुंचना मुश्किल है। उनका कहना है कि दूर-दराज के दियारा क्षेत्रों में फंसे लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
PM मोदी से बिहार दौरे और ₹5,000 करोड़ पैकेज की मांग
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार की बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य का दौरा करने की मांग की। उन्होंने केंद्र से प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत पैकेज जारी करने की अपील भी की। तेजस्वी ने दावा किया कि बिहार का करीब 76 प्रतिशत क्षेत्र बाढ़ की चपेट में है और 20 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने हजारों मवेशियों के बह जाने का भी दावा किया। इन आंकड़ों और दावों के आधार पर उन्होंने केंद्र सरकार से बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग दोहराई।
PM की चुप्पी पर तेजस्वी का सियासी हमला
RJD नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक हमला भी बोला। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री बिहार का दौरा करते हैं, लेकिन मौजूदा बाढ़ की स्थिति पर उनकी ओर से पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर प्रभावित इलाकों का दौरा करने और राहत के लिए केंद्र की ओर से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।
बाढ़ के बीच महंगाई को लेकर भी केंद्र पर निशाना
तेजस्वी यादव ने बाढ़ के मुद्दे के साथ महंगाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने LPG सिलेंडर की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से पहले सिलेंडर की कीमत करीब ₹384 थी और उस समय BJP नेता महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन करते थे। उन्होंने दावा किया कि अब LPG सिलेंडर की कीमत ₹1,100 से ज्यादा हो गई है। इसके साथ ही दाल, खाद्य तेल, पेट्रोल, डीजल, टमाटर और प्याज की कीमतों को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।
‘डायन’ से ‘महारानी’ तक... तेजस्वी का तंज
महंगाई पर तंज कसते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि जिस महंगाई को पहले बीजेपी नेता ‘डायन’ कहा करते थे, वह अब मौजूदा सरकार के लिए ‘महारानी’ बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का फायदा कुछ बड़े पूंजीपतियों को मिल रहा है, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग महंगाई का दबाव झेल रहा है।
बिहार बाढ़ पर अब सियासी घमासान तेज
बिहार में बाढ़ और गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच राहत और बचाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तेजस्वी यादव ने केंद्र से राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के साथ ₹5,000 करोड़ के विशेष पैकेज की मांग रखी है। अब इस पूरे मामले में सरकार की ओर से राहत व्यवस्था, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और तेजस्वी यादव की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह अहम होगा।